सोनभद्र। जैन धर्म के संस्थापक भगवान महावीर स्वामी की जयंती बृहस्पतिवार को नगर के जैजैन साधना भवन में धूमधाम से मनाई गई। 11000 बार णमोकार मंत्र जपा गया। इस दौरान जैन समाज के लोगों ने झांकी सजाई। भव्य पूजन अर्चन किया। बच्चों के लिए णमोकार मंत्र प्रतियोगिता कराई गई। कार्यक्रम में बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
समाज के वरिष्ठ सदस्य हर्ष अग्रवाल ने कहा कि भगवान महावीर का जन्म चैत्र शुक्ल त्रयोदशी को एक राज परिवार में हुआ था, लेकिन उन्होंने मोह-माया को त्यागकर संन्यास का मार्ग अपनाया। 12 वर्षों की कठोर तपस्या के बाद उन्हें कैवल्य ज्ञान की प्राप्ति हुई। उन्होंने सत्य, अहिंसा, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह जैसे पंच महाव्रतों का पालन करने की शिक्षा दी। रामेश्वर दास जैन ने कहा कि भगवान महावीर के बताए हुए मार्ग पर चलकर ही व्यक्ति अपने जीवन को सार्थक बना सकता है। यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। जैन समाज के अध्यक्ष पवन कुमार जैन ने सभी को महावीर जयंती की शुभकामनाएं दीं। इस विशेष अवसर पर जैन साधना भवन में 11000 बार णमोकार महामंत्र का जाप भी किया गया। कार्यक्रम में धर्मराज जैन, पवन जैन, अमित जैन, जोगीराम जैन, प्रिंस जैन आदि उपस्थित रहे।