मंडलीय अस्पताल के इमरजेंसी में भर्ती मरीज।
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हवा में नमी और मौसम में बदलाव के कारण अस्पतालों की ओपीडी में वायरल फीवर वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। पिछले दो दिन से मौसम ठंडा-गर्म होने से मंडलीय अस्पताल, जिला अस्पताल सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर रोजाना मौसमी बीमारी वाले लगभग 500 से ज्यादा मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं। इनमें 50 से अधिक बच्चे होते हैं, जो जुकाम-बुखार की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं।
इस सप्ताह मौसम ने तेजी से करवट बदली है। शुरुआती दिनों में गर्मी अधिक होने से तापमान 40 के पार पहुंच गया तो दो दिन पहले आंधी, बारिश की वजह से पारा 35 के नीचे आ गया था। मौसम के इस बदलाव का असर लोगों की सेहत पर दिखने लगा है।
मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में फिजिशियन और बाल रोग विभाग की ओपीडी में मरीजों की भीड़ लगी रही। लोग जुकाम बुखार संबंधी समस्याएं लेकर अस्पताल पहुंचे। बच्चों में तीन दिन से अधिक समय तक बुखार रहने की वजह से मुंह में दाने निकलने की समस्या आ रही है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सीपी गुप्ता का कहना है कि ओपीडी में रोजाना वायरल फीवर वाले 20 से अधिक बच्चे आ रहे हैं। जिला अस्पताल में शनिवार को बुखार और जुकाम की समस्या वाले 100 से अधिक मरीज पहुंचे। इसमें 20 से अधिक बच्चे रहे। बीएचयू अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ प्रो.सुनील राव का कहना है कि बड़ों के मुकाबले बच्चों के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत कम होती है।