योगी सरकार ने भ्रष्टाचारियों पर गाज गिराने की शुरूआत पूर्वांचल से कर दी है। अवैध वसूली के आरोप में निलंबित किए गए चंदौली के एआरटीओ आरएस यादव को शनिवार शाम जौनपुर के मछलीशहर में गिरफ्तार कर लिया गया।
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आरएस यादव की गाड़ी में मिली डायरी में पिछले महीने ढाई हजार ट्रकों से वसूली का विवरण चौंकाने वाला है। गिरफ्तार एआरटीओ की गाड़ी से उसके चालक और एक दलाल को डायरी के साथ पुलिस ने बीते गुरुवार को ट्रकों से अवैध वसूली करते पकड़ा था।
पुलिस की जांच में पता चला है कि खास तौर पर पांच बड़ी ट्रांसपोर्ट कंपनियों के ढाई हजार ओवरलोड ट्रकों को वे हर महीने नौबतपुर चेकपोस्ट से पास कराता रहा। एक ट्रक से सात हजार रुपये की वसूली की जाती थी। केवल इन्हीं ट्रकों से हर माह पौने दो करोड़ रुपये की अवैध वसूली का खुलासा हुआ है। इनके अलावा भी सैकड़ों ओवरलोड ट्रकों से वसूली कर उन्हें पास कराया जाता रहा है।
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने भी संपत्ति की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में ईडी की टीम को वाराणसी में तारांकित होटल, पांच प्लॉट और गोरखपुर में शॉपिंग- हाउसिंग कांप्लेक्स समेत करोड़ों के साम्राज्य की जानकारी मिली है। आरएस यादव पर आरोप है कि उसने पिछले 20 साल के दौरान वाराणसी मंडल में तैनात रहते हुए करोड़ों की संपत्ति बनाई है।
वाराणसी रेंज के आईजी दीपक रतन चौहान ने आरएस यादव की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। देर रात चंदौली पुलिस आरएस यादव को चंदौली कोतवाली लेकर पहुंची, वहां उससे पूछताछ शुरू की गई। तीन दिन पहले चंदौली में आरएस यादव के चालक को पुलिस ने ओवरलोड ट्रकों से वसूली करते वक्त गिरफ्तार किया था। इस मामले में पुलिस ने आरएस यादव के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया था।
चंदौली के जिलाधिकारी और एसपी ने जांचकर शासन को रिपोर्ट भेजी थी। उसके बाद शासन ने एआरटीओ को निलंबित कर दिया। बस इसी के बाद गोरखपुर के सहजनवां का मूल निवासी भ्रष्टाचार के आरोपी आरएस यादव को सारा खेल बिगड़ गया। इससे पहले आरएस यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए पूर्वांचल ट्रक ओनर्स एसोसिएशन ने प्रवर्तन निदेशालय से भी शिकायत की थी। इस पर प्रवर्तन निदेशालय की तीन सदस्यीय टीम ने शनिवार को प्रमोद सिंह के पांडेयपुर स्थित घर पहुंचकर उनका बयान लिया।
बनारस के होटल का मालिक अपने ड्राइवर को बनाया
आरएस यादव के कैंटोनमेंट स्थित तारांकित होटल वेस्टिन
- फोटो : अमर उजाला
सूत्रों की मानें तो टीम को आरएस यादव के कैंटोनमेंट स्थित तारांकित होटल वेस्टिन के बारे में पता चला है। हालांकि, दस्तावेज में होटल का मालिक आरएस यादव का निजी चालक महेंद्र है और सीएमडी आरएस यादव का बेटा और एमडी खुद आरएस यादव है।
बनारस शहर में ही उसके कई प्लॉट, नगदी समेत अन्य चल-अचल संपत्ति की पड़ताल की जा रही है। चंदौली के डीएम और एसपी ने भी आरएस यादव के मामले में शासन को रिपोर्ट भेजी है। रिपोर्ट में आरएस यादव की भूमिका संदिग्ध करार देते हुए कड़ी कार्रवाई की संस्तुति की गई थी।
साथ ही चंदौली में दर्ज मुकदमे की जांच भी तेजी से की जा रही है। सूत्रों की मानें तो शासन इस मामले में बेहद सख्त है।
एसपी जौनपुर शैलेष पांडेय ने बताया कि चंदौली का निलंबित एआरटीओ आरएस यादव को मछलीशहर पुलिस ने शनिवार की शाम करीब 5:45 बजे गिरफ्तार कर लिया गया।
पता चला कि इनोवा गाड़ी यूपी 65 ईटी-5152 से प्रतापगढ़ की तरफ से आ रहा है। उसके बाद मछलीशहर पुलिस ने थाने के सामने एआरटीओ आरएस यादव को गिरफ्तार कर चंदौली पुलिस को सूचना दी।
एसपी शैलेश पांडेय ने बताया कि चंदौली पुलिस की दो टीमें मछलीशहर आईं और उसे लेकर चंदौली चली गईं हैं। उन्होंने पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
सरकार चाहे जिसकी भी रही हो, सड़क पर सिक्का आरएस यादव का ही चलता था। आरोप है कि सपा और बसपा के कुछ बड़े नेताओं का उसे संरक्षण मिला था और लखनऊ में सत्ता के गलियारों से लेकर सचिवालयों तक उसकी सीधी पहुंच थी।
19 साल से वाराणसी-चंदौली
आरएस यादव 23 साल पहले जल निगम में जेई था। प्रतिनियुक्ति पर संभागीय परिवहन कार्यालय वाराणसी में बतौर आरआई उसने अपनी तैनाती कराई। उसके बाद से 19 साल सिर्फ दो जिलों वाराणसी और चंदौली में ही उसकी तैनाती रही। मात्र चार साल के लिए ही दूसरे जिलों में तबादला हुआ वह भी वाराणसी और चंदौली से के आसपास गाजीपुर और भदोही में।
ढाई हजार ट्रकों से हर माह पौने दो करोड़ वसूली
जांच में पता चला है कि ढाई हजार ओवरलोड ट्रकों को वे हर महीने नौबतपुर चेकपोस्ट से पास कराते रहे। एक ट्रक से सात हजार रुपये की वसूली की जाती थी। केवल पांच कंपनियों के ही इन्हीं ट्रकों से हर माह पौने दो करोड़ रुपये की अवैध वसूली का खुलासा हुआ है। इसके अतिरिक्त करोड़ों की वसूली की जानकारी सामने आ रही है।