डॉ. वंदना शिवा ने कहा - किसानों के लिए चल रहा तीसरा स्वतंत्रता आंदोलन
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पर्यावरणविद डॉ. वंदना शिवा किसानों के लिए तीसरा स्वतंत्रता आंदोलन कर रही हैं। आजादी के सौवें साल तक भारत को जैविक देश के तौर पर खड़ा करने की मुहिम के लिए उन्होंने सत्याग्रह यात्रा शुरू की है जिसका नाम उन्होंने ‘चंपारण सत्याग्रह यात्रा’ रखा है।
13 अप्रैल को मेरठ से शुरू होकर ये यात्रा शनिवार को काशी पहुंची। डॉ. वंदना शिवा का कहना है कि चंपारण सत्याग्रह के सौवें साल पर शुरू हुए इस आंदोलन का मकसद आजादी के सौवें साल 2047 तक किसानों को उनका हक दिलाना है।
शनिवार को अस्सी घाट पर डॉ. वंदना के नेतृत्व में काशीवासियों ने उनके सत्याग्रह का हिस्सा बनने का संकल्प लिया। बीएचयू पहुंचीं डॉ. वंदना शिवा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पिछले 20 साल से भारतीय किसानों की हालत कुछ वैसी ही हो गई है जैसी गांधी जी ने सौ साल पहले चंपारण में देखी थी।
कहा कि किसानों को जिंदा रहना है तो उन्हें जैविक खेती करनी पड़ेगी। हमारा तीसरा स्वतंत्रता आंदोलन किसी शासन से आजादी का नहीं बल्कि जिंदा रहने का है।
‘नवधान्य’ की संस्थापक डॉ. शिवा ने चंपारण सत्याग्रह यात्रा के बारे में बताया कि मेरठ से शुरू यह यात्रा बनारस, पटना, मोतिहारी, बेतिया, छपरा, सिंगूर और नंदीग्राम पहुंचेगी। 23 अप्रैल को भुवनेश्वर में यात्रा समाप्त होगी।