चैती छठ का महत्व
काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के पूर्व सदस्य पंडित दीपक मालवीय का कहना है कि छठ पर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन शैली और प्रकृति के प्रति श्रद्धा का उत्सव है। 36 घंटे का निर्जला व्रत शारीरिक और मानसिक संयम को परखता है, इससे आत्मिक शुद्धि होती है। मान्यता है कि सूर्य देव की उपासना से रोग-कष्ट दूर होते हैं और छठी मैया संतान सुख प्रदान करती हैं।