नगर निगम एवं पंचायती राज विभाग सफाई के साथ साथ नियमित फॉगिंग करे। सभी बाढ़ राहत शिविर में पालीवार ड्यूटी लगाई जाए। चिकित्सा विभाग क्लोरीन, ब्लीचिंग, ओआरएस, एंटी स्नेक वेनम की उपलब्धता सुनिश्चित कर ले।
संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि नगवां, अस्सी घाट, सामनेघाट, मारुति नगर समेत कोनिया, सरैया, सलारपुर, नक्खीघाट, ढेलवरिया, हुकुलगंज आदि क्षेत्रों के बाढ़ राहत शिविरों में पीने के साफ पानी की व्यवस्था हो। शौचालय साफ हों। बेड, चादर, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता के साथ उचित आपूर्ति सुनिश्चित हो। जहां जरूरत हो वहां मोबाइल टॉयलेट लगवाए जाएं। बताया कि बाढ़ के दौरान 46 बाढ़ राहत शिविर क्रियाशील होंगे। इनमें शहरी क्षेत्र में 25 और ग्रामीण क्षेत्रों में 21 हैं। कम्यूनिटी किचन की उचित सफाई तथा खाद्य वितरण उचित समय पर करना सुनिश्चित करें।
मंडलायुक्त ने लाउड हेलर और सायरन को आपात स्थिति के लिए एक्टिव करने को कहा। कहा कि बाढ़ कंट्रोल नंबर पूरी तरह एक्टिव रहे और रजिस्टर मेनटेन हो। सेतु निगम तथा लोकनिर्माण विभाग को बाढ़ प्रभावित संभावित क्षेत्रों की सड़कों के साथ जिले की सभी सड़कों की मरम्मत कराने को कहा। बिजली विभाग को संबंधित क्षेत्रों में बिजली की उचित आपूर्ति की व्यवस्था करें।