आखिरकार लंबे इंतजार के बाद शुक्रवार को स्वच्छता सर्वे के लिए केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की टीम शहर पहुंची। तीन सदस्यीय टीम सबसे पहले दिन में नगर निगम दफ्तर गई। स्वच्छता संबंधी दस्तावेजों को जांचा। इसके बाद स्थलीय हकीकत जानने के लिए दो अधिकारी अलग-अलग बाइक से शहर में निकले।
स्थलीय निरीक्षण के बाद ही पता चलेगा कि तीन माह से शहर को चमकाने में जुटे नगर निगम प्रशासन के दावों में कितनी सच्चाई है।
अरुण कुमार की अगुवाई में गोविंद कुमार और रोहित कुमार की टीम 11 बजे नगर निगम कार्यालय पहुंची।
अरुण कुमार ने दस्तावेजों के साथ वार रूम, परिसर की सफाई को देखा। सफाईकर्मियों से भी टीम ने फीडबैक लिया।
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक दस्तावेज से टीम संतुष्ट दिखी।
इसके बाद गोविंद कुमार और रोहित कुमार अलग-अलग बाइक के शहर के विभिन्न स्थानों के स्थलीय निरीक्षण के लिए निकले। दोनों अधिकारियों ने रथयात्रा, छोटी मलदहिया, मलदहिया मलिन बस्ती, पिपलानी कटरा, अर्दली बाजार, राजाबाजार मलिन बस्ती, ढेलवरिया, चंदुआ सट्टी, रामापुरा मलिन बस्ती, सिगरा थाना, रेवड़ी मीट बाजार, रविदास गेट से लंका कॉमर्सियल मार्केट, खोजवां गल्ला मंडी समेत कई स्थानों पर निरीक्षण किया और नागरिकों से फीडबैक लिया।
इसके अलावा वार्ड नंबर 25 में खुले में शौच की स्थिति देखी। टीम के सदस्यों को दिल्ली से अधिकारी निर्देशित कर रहे थे। स्वच्छता ऐप पर ऑनलाइन प्रमुख चौराहों, सड़कों और मुहल्लों में टीम के सदस्यों को पहुंचने का निर्देश दे रहे थे। संबंधित क्षेत्र की गोपनीय रिपोर्ट तैयार की गई।