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डरावने आंकड़े: रोजाना 15 सिगरेट के बराबर धुएं का सेवन कर रहे बनारसी, आंकड़ों में ग्रीन जोन लेकिन एक्यूआई 400

Wed, 08 Nov 2023 01:06 PM IST
किरन रौतेला आलोक कुमार त्रिपाठी, अमर उजाला, वाराणसी

सार

इस समय पूरे देश की हवा खराब चल रही है लेकिन बनारस में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार बनारस ग्रीन जोन में बना हुआ है। कुछ इलाकों में चार सौ तो कहीं तीन सौ एक्यूआई दर्ज किया गया जो कि लगभग 15 सिगरेट के धुएं के बराबर है। अमर उजाला ने जब इसकी पड़ताल की तो हकीकत चौंकाने वाली है।
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वाराणसी में वायु प्रदूषण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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तुम्हारी फाइलों में गांव का मौसम गुलाबी है, मगर ये आंकड़े झूठे हैं ये दावा किताबी है...अदम गोंडवी का यह शेर बनारस शहर की हवा पर एकदम मुफीद बैठता है। हालत यह है कि इस समय पूरे देश की हवा खराब चल रही है लेकिन बनारस में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार बनारस ग्रीन जोन में बना हुआ है। कुछ इलाकों में चार सौ तो कहीं तीन सौ एक्यूआई दर्ज किया गया जो कि लगभग 15 सिगरेट के धुएं के बराबर है।

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अमर उजाला ने जब इसकी पड़ताल की तो हकीकत चौंकाने वाली है। शहर के आठ स्थानों पर दो दिनों में एयर क्वालिटी इंडेक्स के नमूनों की जांच में एयर क्वालिटी इंडेक्स रेड जोन में मिला। शाम से ज्यादा सुबह की हवा की सेहत सबसे अधिक खराब थी। सोमवार की शाम को गोदौलिया का एक्यूआई 337, रथयात्रा का 318 और भिखारीपुर तिराहा का एक्यूआई 296 दर्ज किया गया। पांच नवंबर को लिए गए हवा के नमूने में रथयात्रा का एयर क्वालिटी इंडेक्स चार सौ दर्ज किया गया। अर्दली बाजार का 375, भेलूपुर का 373, भिखारीपुर तिराहे का 366, लंका 364, कैंट 328, मलदहिया और गोदौलिया का एक्यूआई 320 था। चार नवंबर को रथयात्रा का एक्यूआई 353, लंका का 339, भिखारीपुर तिराहे का 338, भेलूपुर का 338, अर्दली बाजार का 336, कैंट का 326, मलदहिया का 306 और गोदौलिया का एक्यूआई 283 था।
चार नवंबर की शाम को छह से आठ बजे का आंकड़ा मानक रथयात्रा लंका भिखारीपुर तिराहा भेलूपुर अर्दली बाजार कैंट मलदहिया गोदौलिया

पीएम 2.5- 184 170 169                         170 170             152 129             114

पीएम 10- 270 236 256                         236 211             322 264             253

एक्यूआई- 353 339 338                         338 336             326 306             283

पांच नवंबर की सुबह 5 बजे से 7:30 बजे तक का आंकड़ा मानक रथयात्रा लंका भिखारीपुर तिराहा भेलूपुर अर्दली बाजार कैंट मलदहिया गोदौलिया पीएम 2.5- 250 199 207             218 218             164 153             142

पीएम 10- 362 270 209             321 236             290 229             242

एक्यूआई- 400 364 366                        373 375             328 320             320

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वाराणसी में प्रदूषण - फोटो : अमर उजाला

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का मानक

0-50-अच्छी

51-100 तक- संतोषजनक (ग्रीन जोन)

101-200 तक-मध्यम (येलो जोन)

201-300 तक-खराब (ऑरेंज जोन)

301-400 तक-बहुत खराब (रेड जोन)

401-500 तक-खतरनाक

विश्व स्वास्थ्य संगठन का स्टैंडर्ड मानक

पीएम 2.5-15

पीएम 10-45

ऐसे हुई जांच

अमर उजाला ने लो कास्ट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग डिवाइस एयर वेदा के जरिये शहर में आठ जगहों पर दो अलग-अलग दिन में जांच की। चार नवंबर को शाम छह बजे से आठ बजे और पांच नवंबर को सुबह 5 से 7:30 बजे तक वायु गुणवत्ता के आंकड़े लिए गए।
 

 

AQI - फोटो : Freepik
येलो जोन में पहुंचा बनारस, एक्यूआई पहुंचा 107
दिल्ली एनसीआर का असर अब बनारस में नजर आने लगा है। पिछले सात-आठ महीने के बाद बनारस सोमवार को येलो जोन में पहुंच गया। शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स 107 दर्ज किया गया। इसमें सबसे अधिक प्रदूषित इलाका भेलूपुर का रहा, जिसका एक्यूआई 118 दर्ज किया गया। इसके बाद अर्दली बाजार का एक्यूआई 111, मलदहिया का 108 और बीएचयू का 90 रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार भेलूपुर का पीएम 2.5 191, पीएम 10-193, कार्बन 116, मलदहिया का पीएम 2.5-127, पीएम 10 161, कार्बन की मात्रा 154 रही। बीएचयू में तो पीएम 2.5 की अधिकतम मात्रा 187, पीएम 10 की अधिकतम मात्रा 137 और कार्बन की अधिकतम मात्रा 47 रही।

शहर में चार स्थानों पर एयर क्वालिटी इंडेक्स के लिए स्टेशन बनाए गए हैं। जल्द ही इनका दायरा बढ़ाया जाएगा। शहर में बढ़ रहे प्रदूषण की निगरानी कराई जा रही है। जो भी जरूरी इंतजाम होंगे कराए जाएंगे। - एससी शुक्ला, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी।

छह नवंबर की शाम को 5 बजे से 7:30 बजे का आंकड़ा            

             गोदौलिया             भिखारीपुर तिराहा रथयात्रा

 

पीएम 2.5- 169                         119                         144

 

पीएम 10- 284                         211                         291

 

एक्यूआई- 337                         296                         318

 

 

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aqi - फोटो : ani
आसपास के राज्य व शहर की हवा भी है प्रदूषित
बनारस के पड़ोसी शहरों व राज्यों में भी प्रदूषण का स्तर मानक से कई गुना अधिक है। इन क्षेत्रों से आने वाली हवा, हमारे शहर की हवा को सीधे तौर पर प्रभावित कर रही है। शहर में प्रदूषण के कई स्थानीय स्रोत हैं जो आम लोगों की सेहत को खतरे में डाल रहे हैं। प्रमुख रूप से निर्माण कार्यों में पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी की जा रही है। शहर से हरित क्षेत्र खत्म होते जा रहे हैं। सड़कों पर बढ़ती गाड़ियों की संख्या और अव्यवस्थित ट्रैफिक की समस्या समेत कई अन्य कारण शामिल हैं। ऐसे में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्ययोजना को तत्काल प्रभावी करना सभी विभागों की जिम्मेदारी है। - एकता शेखर, निदेशक, क्लाइमेट एजेंडा।

बरतें सावधानी, मास्क का करें इस्तेमाल

शहर में वाहनों की बढ़ रही संख्या और हवा में धूल के कण प्रदूषण का स्तर बढ़ा रहे हैं। इससे हवा में पीएम 2.5 और पीएम 10 की बढ़ रही मात्रा फेफड़ों के लिए खतरनाक है। ठंड के कारण सुबह और शाम एयर क्वालिटी इंडेक्स का स्तर और भी ज्यादा खतरनाक हो जाता है। ऐसे मौसम में दमा व सांस रोगियों और बुजुर्गों को सतर्क रहने की जरूरत है। बाहर निकलते समय मास्क लगाकर निकलें। - डॉ. अतुल सिंह, मेडिकल ऑफिसर, मंडलीय चिकित्सालय

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