सांस्कृतिक नगरी काशी की बुधवार की सुबह दूसरे दिनों से हटकर थी। सुबह पर सूरज की किरणों के साथ भोले के भक्तों का केसरिया रंग चढ़ा। घाट हो या शिवालय, स्टेशन हो या बाजार, हर तरफ हर-हर महादेव गूंजने लगा। सावन के पहले दिन बाबा के जयकारों के बीच शहर की सड़कें केसरिया रंग में रंग गईं।
सावन लगते ही भोले की नगरी में कांवरिया भक्त उमड़ पड़े। पहले दिन हजारों कांवरियों ने बोल बम के जयकारे के साथ बाबा का जलाभिषेक किया। शिविरों का नजारा बदला नजर आया। कहीं भांग-बूटी छनती रही तो कहीं, भजनों की गूंज पर भक्त नाचते-थिरकते रहे। दुर्गाकुंड में महीने भर सावन मेला सज गया। झूले, चर्खियों पर लोग मस्ती के शोर में डूब गए। सड़कों की पटरियों पर मेहंदी से हथेलियां रचाने के लिए युवतियों की भीड़ लगने लगी। सावन निखर गया।
पुरवा पवन के मीठे शोर के साथ सावन झूमने लगा। हरियाली छाने लगी। देवाधिदेव महादेव के प्रिय मास सावन में जलाभिषेक के लिए भक्तों का कारवां भी निकल पड़ा है। बुधवार को हजारों की तादाद में कांवरियों की टोलियां पहुंची। गंगा में गोता लगाने के साथ ही कांवरियों ने बाबा का जलाभिषेक किया। सड़कों पर बोल बम के जयकारे के साथ नंगे पांव चलने वाले कांवरियों की भीड़ से वातावरण बदल गया है। दशाश्वमेध स्थित चितरंजन पार्क के शिविर में सुबह कांवरियों का तांता लगा रहा। चाहे चाय-पान की दुकानें हों या फिर सड़कों की पटरियां, कांवरिया भक्तों से चहुंदिशि वातावरण केसरिया नजर आने लगा है।
सावन के प्रथम सोमवार को यादव बंधुओं के जलाभिषेक की व्यापक तैयारी है। काशी में यादव बंधुओं का रेला उमड़ेगा। बुधवार को कोतवाली परिसर में हुई बैठक में गौरी -केदारेश्वर घाट पर बैरीकेडिंग कराने की आवाज उठाई गई। उस दिन यादव बंधु गौरी-केदार से ही गगरा में जल ऊर कर बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए निकलेंगे। तिलभांडेश्वर, अहिलेश्वर, महामृत्युंजय, त्रिलोचन महादेव, ओंकालेश्वर, लाटभैरव का भी जलाभिषेक किया जाएगा। चंद्रवंशी गोप सेवा समिति की ओर से निकाली जाने वाली इस शोभायात्रा के लिए हुई बैठक में रास्ते के मैनहोल के ढक्कन बंद कराने, सीवर लाइन दुरुस्त कराने की मांग की गई। इस मौके पर लालजी सरदार, गणेश यादव, पारस नाथ, चुलबुल सरदार, गोपाल यादव, विशाल यादव, दिलीप यादव समेत तमाम लोग उपस्थित थे। उधर सप्तसागर यादव महासभा की बैठक में सावन के प्रथम सोमवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग की गई।
कैंट रेलवे स्टेशन पर बिहार, लखनऊ और पूर्वांचल से आने वाली ट्रेनों में कांवरियों की जबरदस्त भीड़ रही। देवघर स्थित बाबा बैजनाथ को जल चढ़ाने जाने वाले तमाम कांवरिए भी यहां से होकर गुजरे। स्वतंत्रता सेनानी, काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस, विभूती, सिकंदराबाद पटना, लखनऊ इंटरसिटी सहित अन्य ट्रेनों में जबरदस्त भीड़ रही। प्लेटफार्म नंबर पांच तो कांवरियों का विश्रामालय सरीखा नजर आ रहा था। इस दौरान कैंट पर सुरक्षा के मद्देनजर चेकिंग अभियान भी चलाया गया।