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पशु तस्करों का नेटवर्क है बनारस में बहुत ही तगड़ा, वायरल ऑडियो क्लिप ने पुलिस की खोल दी है पोल

Fri, 28 Sep 2018 09:09 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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- फोटो : अमर उजाला
वाराणसी के मिर्जामुराद थाने के थानाध्यक्ष रहे इंस्पेक्टर विश्वजीत प्रताप सिंह और यहीं तैनात रहे सिपाही हैदर को पशु तस्करों से मिलीभगत के आरोप में लाइन हाजिर कर विभागीय जांच भले ही शुरू कर दी गई है मगर जिले में इसकी जड़ें बहुत गहरी हैं। व्हाट्स ऐप पर वायरल हुई ऑडियो क्लिप वाराणसी पलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें...
 
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एक अफसर को देने के नाम पर प्रतिमाह लिया जाता था एक लाख

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महकमे से जुड़े विश्वस्त सूत्रों की मानी जाए तो पशु तस्करी का अवैध धंधा पुलिस की मिलीभगत के चलते ही तमाम पाबंदियों के बावजूद भी फलफूल रहा है। इस नेटवर्क की जड़े इतनी गहरी हैं कि जिला, रेंज और जोन स्तरीय अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लग पाती। व्हाट्स ऐप पर वायरल हुई ऑडियो क्लिप से तो सिर्फ एक इंस्पेक्टर और सिपाही सवालों के घेरे में आया है। विधिवत जांच हो जाए तो कई अन्य पुलिसकर्मी भी सवालों के घेरे में हांगे।
 
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गाय - फोटो : self

मवेशियों से भरे दो ट्रक छोड़ने के लिए पशु तस्करों से की जा रही सौदेबाजी की ऑडियो क्लिप व्हाट्स ऐप पर वायरल होने के बाद एसएसपी ने सोमवार की देर रात इंस्पेक्टर मिर्जामुराद और एक सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया था। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कराई गई है।
 

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demo pic

सूत्रों के अनुसार जिन पशु तस्करों से बातचीत की ऑडियो क्लिप वायरल हुई है उनसे एक लाख रुपये प्रति माह एक अधिकारी को देने के नाम पर लिया जाता था। साथ ही, कहा गया था कि यदि हमारा ट्रांसफर हो गया तो तुम सबका काम बिगड़ जाएगा।

 
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डेमो - फोटो : डेमो
इस तरह से ट्रांसफर रुकवाने के नाम पर तस्करों से पांच लाख रुपया लिया गया था। फिलहाल मामले की जांच सीओ कैंट एएसपी अनिल कुमार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट एसएसपी के पास आएगी तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आएंगे और कार्रवाई की जद में अन्य पुलिसकर्मी भी आएंगे।
 
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