Varanasi News: विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही चर्चाएं होने लगीं। इसी बीच, सपा नेता सहित एक अन्य व्यक्ति ने इस पर विवादित टिप्पणी कर दी। इस वीडियो को काशी का बताते हुए जातिगत भेदभाव बताने लगे। सीपी के संज्ञान में मामला आते ही उन्होंने संबंधित थानों को कार्रवाई का निर्देश दिया।
मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी के किनारे नग्न युवकों की पिटाई का वीडियो काशी के गंगा घाट का बता कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दो यूजर ने जातिगत टिप्पणी के साथ पोस्ट किया। प्रकरण को लेकर गुरुवार को आदमपुर और दशामश्वेध थाने में पुलिस की ओर से सपा नेता सहित दो यूजर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
2022 के विधानसभा चुनाव में गाजीपुर सदर से कांग्रेस के सिंबल पर किस्मत आजमा चुके और मौजूदा समय में समाजवादी पार्टी के नेता लौटन राम निषाद ने गुरुवार की भोर एक्स पर नग्न युवकों की पिटाई का एक वीडियो पोस्ट किया।
वीडियो के साथ लिखा कि जब अपने मंदिर को छोड़कर दूसरे के मंदिर में जाएंगे तो नंगे करके ही पीटे जाएंगे। इसके बाद जातिगत टिप्पणी करते हुए लिखा कि हिंदू बनकर गंगा में स्नान करके काशी के मंदिर में महादेव के दर्शन करने चले गए थे। इस पर ऊंची जाति वालों ने नंगा करके पीटा।
विज्ञापन
इसी तरह से वाइस ऑफ ह्यूमंस यूजर ने भी वही वीडियो पोस्ट कर उसे काशी का बताते हुए ऊंची-नीची जाति आधारित टिप्पणी की।
उधर, इस संबंध में पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि वीडियो मध्य प्रदेश के खरगौन जिले के महेश्वर स्थित नर्मदा नदी के तट का था। वीडियो को बिना सत्यापन के काशी का बता कर सोशल मीडिया पर अफवाह फैला कर माहौल खराब करने की कोशिश की गई।
इसलिए लौटन राम निषाद यूजर के खिलाफ आदमपुर थाने में और वाइस ऑफ ह्यूमंस यूजर के खिलाफ दशाश्वमेध थाने में पुलिस की ओर से भारतीय न्याय संहिता, एससी-एसटी एक्ट और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।