- बैठते समय पीठ सीधी रखें और स्क्रीन को आंखों के बराबर रखें ताकि गर्दन नीचे न झुके।
- लगातार बैठे रहने की आदत छोड़ें। हर आधे घंटे में उठकर एक से दो मिनट टहलें या हल्का स्ट्रेच करें।
- मोबाइल देखने के दौरान सिर झुकाने के बजाय उसे आंखों की ऊंचाई तक उठाएं।
- आपकी कुर्सी में पीठ को सहारा देने वाला हिस्सा हो और टेबल की ऊंचाई आपके पॉश्चर के अनुकूल हो।
- रोजाना हल्के एक्सरसाइज जैसे नेक रोटेशन, शोल्डर रोल और कैट-काउ स्ट्रेच करें।
- दूध, दही, पनीर, अंडे और धूप से मिलने वाला विटामिन-डी रीढ़ को मजबूत बनाता है।
- लंबे समय तक एक कंधे पर बैग लटकाने से रीढ़ पर दबाव पड़ता है, इसलिए हल्का बैग लें और भार को संतुलित रखें।
- बहुत नरम गद्दे पर न सोएं। पीठ को सीधा रखने वाला गद्दा चुनें और बहुत ऊंचा तकिया इस्तेमाल न करें।
- अनावश्यक रूप से मोबाइल या लैपटॉप पर समय न बिताएं। आंखों और शरीर दोनों को आराम दें।
- ताड़ासन, भुजंगासन, शवासन और प्राणायाम जैसे योगासन रीढ़ की लचीलापन और मजबूती को बढ़ाते हैं।
क्या बोले विशेषज्ञ
सिर झुकाकर लंबे समय तक बैठना धीरे-धीरे टेक्स्ट नेक सिंड्रोम जैसी समस्याओं को जन्म देता है। अगर आप समय पर सावधानी नहीं बरतते, तो यह आदत गंभीर स्पाइनल डिसऑर्डर में बदल सकती है। सही पॉश्चर, नियमित व्यायाम और संतुलित जीवनशैली अपनाकर आप अपनी रीढ़ को स्वस्थ रख सकते हैं।
-डॉ. प्रेम प्रकाश, आर्थो सर्जन एवं एमएस, दीनदयाल अस्पताल