बीएचयू रजिस्ट्रार के खिलाफ वन विभाग ने मुकदमा दर्ज कराकर अवैध तरीके से 12 पेड़ की कटाई का आरोप लगाया है। बताते चलें कि 26 पेड़ों की अवैध कटाई मामले में 11 नवंबर को एनजीटी में सुनवाई होगी। मामले में गठित जांच कमेटी ने कहा कि विवि प्रशासन को न तो लकड़ियां मिलीं और न ही चोर।
बीएचयू में अवैध तरीके से 12 पेड़ काटने के आरोप में रजिस्ट्रार प्रो. अरुण कुमार सिंह के खिलाफ वन विभाग ने मुकदमा दर्ज कराया है। वृक्ष संरक्षण अधिनियिम और यूपी इमारती लकड़ी व अन्य लकड़ी अभिवहन एक्ट की धाराओं में मुकदमा किया गया है। वहीं, चंदन के सात समेत कुल 26 पेड़ों के भी काटने के मामले को लेकर एनजीटी में सुनवाई 11 नवंबर को है।
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याचिकाकर्ता इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने बताया कि जांच कमेटी ने पाया कि चंदन के सात पेड़ों की कटाई के बाद बीएचयू प्रशासन द्वारा न तो चोरों को पकड़ा गया और न ही लकड़ी ही बरामद हो पाई है। वहीं, लंका थान में दर्ज एफआईआर में भी चंदन के पेड़ों के बजाय एक कीमती लकड़ी की बात कही गई है। चंदन के पेड़ों के चोरी होने को लेकर भी हैरानी जताई है। आसपास कई सीसी कैमरे लगे हैं और गार्ड तैनात हैं, आखिर ये कैसे संभव हो पाया।
पेड़ कटाई की रिपोर्ट एनजीटी में दायर
संयुक्त जांच समिति ने पेड़ कटाई की पूरी रिपोर्ट को एनजीटी के समक्ष दायर कर दिया है। इसमें उनके द्वारा लगाए गए आरोप सिद्ध पाए गए हैं। पेड़ कटाई में बीएचयू के पदाधिकारियों की संलिप्तता साबित हो चुकी है। एनजीटी की बनाई कमेटी ने बीएचयू कैंपस में कटे पेड़ों की जांच की थी।