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पांच दिन तक पत्नी के शव के लिए भटकता रहा पति

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वाराणसी। एक पति के लिए इससे बड़े दुख की बात और क्या होगी कि एक तो 26 वर्षीय पत्नी का साथ छूट गया और दूसरे उसके शव के लिए उसे पांच दिन बीएचयू अस्पताल से लेकर लंका थाने तक के चक्कर काटने पड़े। नौ अगस्त को पत्नी की मौत के बाद 13 अगस्त की शाम को किसी तरह शव मिला, जिसके बाद अंतिम संस्कार किया।
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मामला नरिया निवासी एक ऐसे व्यक्ति का है जिसकी पत्नी का निधन बीएचयू में इलाज के दौरान 9 अगस्त को हो गया। पति संतोष के मुताबिक उस समय पत्नी का शव यह कहकर नहीं दिया गया कि उसकी कोरोना रिपोर्ट नहीं आई है। मौत के बाद 11 अगस्त को पत्नी की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने की जानकारी दी गई। इसके बाद भी शव नही मिल सका। बीएचयू मोर्चरी हाउस पर मौजूद लोगों से पूछने पर उन्होंने मामले में पुलिस की कार्यवाही होने की बात कह कर वापस कर दिया। पत्नी के शव के लिए बीएचयू से लेकर थाने का चक्कर काटता रहा।
नरिया निवासी संतोष ने बताया कि पहले सुंदरपुर स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां से तबीयत बिगड़ने पर 8 अगस्त को पत्नी को बीएचयू में भर्ती कराया था, जहां उसकी इलाज के दौरान 9 अगस्त को मौत हो गई। पांच दिन बाद बृहस्पतिवार शाम को शव मिला तो अंतिम संस्कार के लिए हरिश्चंद्र घाट ले गए। इस बारे में इंस्पेक्टर लंका महेश पांडेय का कहना है कि कोरोना से मौत के मामले में अस्पताल की व्यवस्था और कोविड गाइडलाइन के अनुसार ही कार्रवाई होती है। इसमें पुलिस का कोई हस्तक्षेप नहीं होता है।
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इनसेट
नहीं हुई सैंपलिंग, संक्रमण का खतरा
नरिया निवासी 26 वर्षीय जिस महिला की मौत हुई है उसके पति के मुताबिक मौत के बाद रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद भी अब तक स्वास्थ विभाग की कोई टीम उनके घर पहुंचकर सैंपल नहीं लिया। इस वजह से संक्रमण का डर बना हुआ है। उन्होंने बताया कि घर में परिवार के सदस्य सजगता बरत रहे हैं।
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