ऑटो किराया घटाए जाने के विरोध में चालकों ने एक यूनियन के बैनर तले वरुणापार इलाके में शनिवार को चार घंटे तक ऑटो संचालन बंद रखा। इस दौरान जुलूस निकालकर कचहरी चौराहे पर चक्काजाम भी किया गया।
ऑटो का संचालन न होने से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्टेशन और बस अड्डे जाने वाले लोग ऑटो चालकों से गंतव्य तक विनती करते रहे लेकिन वह नहीं माने।
हड़ताल से अलग जो ऑटो चल रहे थे उन्हें भी जबरन रोक कर सवारियों को उतार दिया जा रहा था। लोगों से दुर्व्यवहार भी किया गया। सवारी लेकर जा रहा एक ऑटो भागने के चक्कर में प्रधान डाकघर के पास पलट गया। दोपहर दो बजे के बाद ऑटो का संचालन शुरू हुआ।
कैंट पुलिस ने जाम करने और धारा 144 के उल्लंघन में यूनियन के अध्यक्ष समेत 350 चालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। चालकों को आगे से संचालन ठप न करने कर चेतावनी भी दी गई है।
पेट्रोल और डीजल के दाम कम होने के बाद परिवहन विभाग ने तीन दिनों पूर्व ऑटो के लिए नई किराया सूची जारी की थी। इसमें विभिन्न मार्गों पर 10 से 35 फीसदी तक किराया कम किया गया था। परिवहन विभाग के इस फैसले को मानने के लिए ऑटो चालक तैयार नहीं है।
उनका कहना है कि अगर उन्हें पांच सवारी बैठाने की अनुमति दी जाए तब ही वे किराया कम करेंगे। मांगों के समर्थन में ऑटो रिक्शा वेलफेयर यूनियन की ओर से शनिवार को सुबह दस से दो बजे तक ऑटो का संचालन ठप कर दिया। इसका असर वरुणापार क्षेत्र में ही देखने को मिला।
चालकों ने यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अजय चौबे के नेतृत्व जिला मुख्यालय पर सभा कर कचहरी चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। सूचना पर पहुंचे सीओ कैंट विनोद कुमार सिंह और इंस्पेक्टर कैंट प्रदीप सिंह चंदेल ने उन्हें खदेड़ा।
पुलिस ने ऑटो रिक्शा वेलफेयर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अजय चौबे, जिलाध्यक्ष घनश्याम यादव, सरफुद्दीन समेत 350 चालकों के खिलाफ धारा 144 का उल्लंघन, जाम लगाना और लोगों को जबरन एक जगह रोकने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। सीओ कैंट का कहना है कि यदि दोबारा ऑटो का संचालन ठप कर लोगों को परेशान किया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।