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Cardiac Arrest: वाराणसी में डॉ नरेश त्रेहान बोले- सही उम्र में कराएं हेल्थ स्क्रीनिंग, हृदय रोग से बचे रहेंगे

Sun, 21 May 2023 02:55 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

काशी अग्रवाल समाज की तरफ से रविवार को रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में सुनिए दिल की धड़कन कार्यक्रम कराया गया। इसका मकसद हृदय रोग की गंभीर चुनौती और उसके समाधान का विकल्प तलाशना रहा। मुख्य अतिथि के तौर पर डॉ नरेश त्रेहान ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया
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वाराणसी में मेदांता के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ नरेश त्रेहन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देश के जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ नरेश त्रेहान ने रविवार को वाराणसी में लोगों को स्वस्थ रहने का मंत्र दिया। साथ ही कहा कि सबसे जरूरी सतर्कता बरतना है। 30 वर्ष की उम्र पूरी करने के साथ ही स्वास्थ्य की जांच करानी चाहिए। 40 वर्ष की उम्र पूरी करने के बाद हेल्थ स्क्रीनिंग आवश्यक है। हृदय रोग साइलेंट किलर है। यह धीरे-धीरे बड़ा नुकसान पहुंचाता है। समय से जांच हुई तो दिक्कत पहले पता चल जाएगी। इलाज शुरू किया जा सकेगा। कम उम्र में कार्डियक अरेस्ट जैसी घटनाओं को रोकने में सफलता मिल सकेगी। इस पर ज्यादा खर्च नहीं होता है।

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काशी अग्रवाल समाज की तरफ से रविवार को रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में सुनिए दिल की धड़कन कार्यक्रम कराया गया। इसका मकसद हृदय रोग की गंभीर चुनौती और उसके समाधान का विकल्प तलाशना रहा। मुख्य अतिथि के तौर पर डॉ नरेश त्रेहान ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया, फिर बचाव का तरीका बताया। उन्होंने कहा कि इस भाव से बाहर आना होगा कि हम स्वस्थ हैं।

कोई समस्या नहीं है। यदि घर में किसी को हृदय रोग, मधुमेह और ब्लड प्रेशर की दिक्कत है तो सामान्य लोगों की तुलना में ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है। ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य की जांच 25 वर्ष से ही करानी चाहिए। मधुमेह रोगी को खास ख्याल रखना चाहिए। अगर सांस फूलने की समस्या हुई तो धमनियों में ब्लाकेज होने की संभावना रहती है।

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पहले से रही होगी दिक्कत

डॉक्टर नरेश त्रेहन को सम्मानित करते काशी अग्रवाल समाज के पदाधिकारी - फोटो : अमर उजाला
डॉ त्रेहान ने कहा कि जिम व डांस करते या फिर दौड़ते वक्त जिनकी मौत हुई, उन सबको पहले से दिक्कत रही होगी। समय से हेल्थ स्क्रीनिंग हुई होती तो अनहोनी से बचा जा सकता था। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. रजनीश कपूर, डॉ. मनीष बसंल, डॉ. संजय मित्तल ने भी हृदय रोग के कारण, बचाव के उपाय बताए।

जीनोम मैपिंग कारगर, समय से पहले मिलेगी जानकारी

रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में डॉ नरेश त्रेहान - फोटो : अमर उजाला
डॉ. नरेश त्रेहान ने कहा कि लोगों को कार्डियक अरेस्ट से बचाया जाए, यह जरूरी है। इसके लिए योग, व्यायाम, प्राणायाम तो है ही, लेकिन अब जीनोम मैपिंग का सहारा लिया जा रहा है। इसके माध्यम से शरीर के अंदर बायोकेमिकल खामियों की जानकारी मिल जाती है। लाइफ स्टाइल, पर्यावरणीय असंतुलन किस तरह प्रभावित कर रहा है, यह भी मैपिंग से पता चलता है। इसके जरिये पारिवारिक बीमारियों का इतिहास भी जाना जा सकता है।
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हृदय रोग को बढ़ावा देने वाले जीन की पहचान भी हो रही है। उपचार की अगर बात करें तो लिक्विड बायोप्सी भी शुरू हो गई है। इसमें ब्लड लेकर तकनीकी उपकरण के माध्यम से सर्कुलेशन की जानकारी ली जाती है। इससे शरीर के भीतर कैंसर सेल की जानकारी मिल जाती है। जिस तरह 40 वर्ष या फिर उससे कम उम्र के लोगों की मौत रही है, वह चिंतित करने वाली है। सेहत पर ध्यान देना जरूरी है।
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