डॉक्टर नरेश त्रेहन को सम्मानित करते काशी अग्रवाल समाज के पदाधिकारी
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डॉ त्रेहान ने कहा कि जिम व डांस करते या फिर दौड़ते वक्त जिनकी मौत हुई, उन सबको पहले से दिक्कत रही होगी। समय से हेल्थ स्क्रीनिंग हुई होती तो अनहोनी से बचा जा सकता था। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. रजनीश कपूर, डॉ. मनीष बसंल, डॉ. संजय मित्तल ने भी हृदय रोग के कारण, बचाव के उपाय बताए।
रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में डॉ नरेश त्रेहान
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डॉ. नरेश त्रेहान ने कहा कि लोगों को कार्डियक अरेस्ट से बचाया जाए, यह जरूरी है। इसके लिए योग, व्यायाम, प्राणायाम तो है ही, लेकिन अब जीनोम मैपिंग का सहारा लिया जा रहा है। इसके माध्यम से शरीर के अंदर बायोकेमिकल खामियों की जानकारी मिल जाती है। लाइफ स्टाइल, पर्यावरणीय असंतुलन किस तरह प्रभावित कर रहा है, यह भी मैपिंग से पता चलता है। इसके जरिये पारिवारिक बीमारियों का इतिहास भी जाना जा सकता है।
हृदय रोग को बढ़ावा देने वाले जीन की पहचान भी हो रही है। उपचार की अगर बात करें तो लिक्विड बायोप्सी भी शुरू हो गई है। इसमें ब्लड लेकर तकनीकी उपकरण के माध्यम से सर्कुलेशन की जानकारी ली जाती है। इससे शरीर के भीतर कैंसर सेल की जानकारी मिल जाती है। जिस तरह 40 वर्ष या फिर उससे कम उम्र के लोगों की मौत रही है, वह चिंतित करने वाली है। सेहत पर ध्यान देना जरूरी है।