हादसे के बाद अनियंत्रित कार डिवाइडर से टकरा गई। मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों और पुलिस की मदद से दोनों को पहले एक निजी अस्पताल ले जाया गया जहां से उन्हें बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। वहां चिकित्सकों ने वंश को मृत घोषित कर दिया, सरिता की हालत गंभीर बनी हुई है। बेटे की मौत की सूचना मिलते ही पिता विपिन शर्मा बेसुध हो गए। बेटे का शव देखकर परिवार के लोगों का रो-रोकर खराब हाल था।
मंडुवाडीह इंस्पेक्टर अजय राज वर्मा ने बताया कि कार का पंजीकरण जितेंद्र कुमार के नाम पर है। वाहन स्वामी और चालक के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। कार को क्रेन के जरिये बरेका पुलिस चौकी परिसर में खड़ा कराया गया है। पिता विपिन शर्मा की तहरीर के आधार पर कार मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। विपिन शर्मा मंडुवाडीह-ककरमत्ता फ्लाईओवर स्थित एक होटल में चालक का काम करते हैं।
2.5 किलोमीटर के क्षेत्र में 12 दिन में कार से कुचलकर दो मासूम समेत तीन की मौत
मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के मड़ौली इलाके में 2.5 किलाममीटर क्षेत्रमें 12 दिनों के भीतर यह दूसरी बड़ी सड़क दुर्घटना है। इससे पहले 10 मई की रात भुल्लनपुर पीएसी के पास तेज रफ्तार थार ने बाइक सवार सोनी राजभर और उनकी पांच वर्षीय बेटी को कुचल दिया था।
हादसे में मां-बेटी की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि बाइक चला रहे देवर मनीष राजभर घायल हो गए थे। मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के बेनीपुर निवासी मनीष का अभी उपचार चल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंडुवाडीह-मड़ौली मार्ग पर वाहनों की रफ्तार पर कोई नियंत्रण नहीं है। शाम ढलते ही सड़क किनारे शराब और बीयर पीने वालों की भीड़ बढ़ जाती है, जिससे हादसों का खतरा और बढ़ जाता है।