देश के पहले पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे के कैंट स्टेशन पर एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं होंगी। रेस्टोरेंट, शोरूम, स्वचालित सीढि़यां, लिफ्ट व लाउंज की व्यवस्था रहेगी। वेंडिंग मशीन भी लगाई जाएंगी।
कैंट और गोदौलिया स्टेशन को खास तरीके से डिजाइन किया जा रहा है। यहां प्रवेश से लेकर सफर तक में यात्रियों को अनूठा अहसास होगा। पूरे परिसर को बुजुर्गों और दिव्यांगों के अनुकूल तैयार किया जाएगा। यात्रियों को टिकट लेने के लिए लाइन नहीं लगानी होगी। हर स्टेशन पर टिकट वेंडिंग मशीन लगाई जाएंगी। बैगेज स्कैनर, लॉकर रूम, ऑटोमैटिक गेट क्लोजर, सॉविनियर शॉप, एटीएम, रेस्ट रूम की सुविधा होगी। वाराणसी में रोपवे के निर्माण में नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड के साथ ही स्विट्जरलैंड की कंपनी बथोर्लेट भी सहयोग कर रही है।
150 फीट की ऊंचाई से एक साथ गुजरेगी 153 ट्रॉली कार
रोपवे की ट्रालियों का संचालन 150 फीट की ऊंचाई से किया जाएगा। इस लिहाज से कैंट रेलवे स्टेशन, काशी विद्यापीठ, रथयात्रा, गिरजाघर और गोदौलिया चौराहे पर बनने वाले स्टेशन की ऊंचाई 150 फीट तक होगी। इतनी ऊंचाई पर 153 पैसेंजर ट्राॅली कार पूरे रूट पर एक साथ चलेंगी। हर डेढ़ से दो मिनट के अंतराल पर यात्रियों के लिए ट्रॉली उपलब्ध रहेगी। एक दिशा से एक घंटे में 3000 लोग यात्रा कर सकेंगे। इसका मतलब है कि दोनों दिशाओं से एक घंटे 6000 यात्रियों का आवागमन होगा। रोपवे के लिए भूमि अधिग्रहण, तार व पाइप शिफ्टिंग का काम तेजी से चल रहा है। इसका शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत 24 मार्च को किया था।
गोदौलिया स्टेशन पर दिखेगी काशी विश्वनाथ मंदिर की झलक
रोपवे के स्टेशन और ट्राली पर काशी की झलक दिखाई देगी। योजना के अनुसार, गोदौलिया स्टेशन को काशी विश्वनाथ मंदिर के प्रतिरूप के हिसाब से तैयार किया जाएगा। इसी तरह कैंट स्टेशन पर गंगा और काशी के महापुरुषों के चित्र उकेरे जाएंगे। सभी स्टेशन को थीम आधारित बनाया जाएगा। काशी की कला, धर्म और संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। इससे रोपवे में सफर के दौरान काशी में होने का अहसास होता रहेगा।
संस्था और व्यक्ति के नाम पर भी होगा स्टेशन
रोपवे स्टेशन के नाम काशी के महापुरुषों के साथ ही निजी संस्था या व्यक्ति के नाम पर भी रखे जा सकेंगे। इसके लिए एक प्रक्रिया के तहत निर्धारित शुल्क देकर तय समय के लिए स्टेशन पर संस्था या व्यक्ति का नाम दर्ज करने की योजना है। इसमें रोपवे स्टेशन परिसर में प्रचार-प्रसार आदि के लिए जगह तय रहेगी। इसके जरिये आय के स्रोत भी विकसित किए जाएंगे।
कोट::
रोपवे परियोजना का मॉडल तैयार हो गया है। इसके स्टेशन को अत्याधुनिक तरीके से तैयार किया जाएगा। रोपवे स्टेशन को यात्रियों के लिए आवश्यक सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाया जाना है।- कौशल राज शर्मा, मंडलायुक्त
एक नजर में
153 यात्री ट्राॅली की मदद से 16 घंटे होगा संचालन। एक लाख से ज्यादा यात्री करेंगे सफर।
15 मिनट में पूरा होगा सफर।
एक ट्राॅली में सवार होंगे 10 यात्री, 3.85 किलोमीटर लंबी होगी यात्रा