वाराणसी। एयरपोर्ट की तर्ज पर कैंट रेलवे स्टेशन को विकसित करने के इरादे से यार्ड रि-माडलिंग का कार्य चल रहा है। पिछले चार-पांच सालों से चल रहे रि-माडलिंग का काम कब पूरा होगा, यह रेल अफसर भी बता पाने में असमर्थ हैं। अभी सिर्फ यार्ड लाइन में ही काम चल रहा। जबकि काम में तेजी लाने के लिए तीन बार बजट भी बढ़ाया जा चुका है।
568 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट के रि-माडलिंग कार्य में प्रगति न होने से रेलवे के अधिकारियों ने नाराजगी जाहिर की है। कार्य में हो रही देरी को लेकर अधिकारियों का मानना है कि तकनीकी कारणों से विलंब हो रहा है। 2014-2015 में कैंट रेलवे स्टेशन के यार्ड रि-माडलिंग कार्य के शुभारंभ के दौरान 100 करोड़ रुपये का बजट दिया गया था। साल भर बाद फिर 191 करोड़ रुपये का बजट बढ़ाया गया। काम को तेजी से पूरा करने के लिए टोटल बजट 568 करोड़ कर दिया गया। हालांकि अब भी रेल अफसरों को लगता है कि रि-माडलिंंग में समय लगेगा।
यह होंगे फायदे
आउटर पर ट्रेनों का ठहराव नहीं होगा
प्लेटफार्म की लंबाई बढ़ जाएगी
रेलवे स्टेशन का विस्तार होगा
यात्रियों को अंतिम समय में प्लेटफार्म नहीं बदलना पड़ेगा
रि-माडलिंग कार्य में अभी समय लग सकता है। पूर्वोत्तर-उत्तर रेलवे के बीच यार्ड लाइन में काम चल रहा है। बहुत सी तकनीकी अड़चनें हैं। - रवि चतुर्वेदी, अपर मंडल रेल प्रबंधक, रेलवे, कैंट