रिपोर्ट में ये खुलासा
रिपोर्ट में सामने आया कि करखियांव में औद्योगिक भूखंड संख्या सी-12ए (क्षेत्रफल 14,989.29 वर्गमीटर) का आवंटन 21 दिसंबर 2021 को किया गया था। आवंटी ने अपनी डीपीआर में 9.90 करोड़ रुपये (990 लाख रुपये) के पूंजी निवेश और 105 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार देने की लिखित बात कही थी। यूपीसीडा मुख्यालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अधिकारियों ने आवंटन पत्र में अनिवार्य निवेश और रोजगार देने की शर्त को शामिल ही नहीं किया। आवंटन के बाद उद्यमी ने जमीन पर उद्योग लगाया या नहीं और रोजगार सृजित हुआ या नहीं, इसकी निगरानी भी नहीं की गई।
अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं और दवाओं का संकट
राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला (डीटीएल) प्रति सप्ताह औसतन मात्र एक सैंपल की जांच कर रही थी। दूसरी ओर, अस्पतालों व औषधालयों में ओपीडी पंजीकरण, एक्स-रे, पैथोलॉजी, बायो-मेडिकल वेस्ट निस्तारण और अग्निशमन सुरक्षा मानकों का घोर अभाव पाया गया। कैग ने सरकार को योजनाबद्ध वित्तीय प्रबंधन, रिक्त पदों को तुरंत भरने और निर्माण कार्यों की समयबद्ध निगरानी सुनिश्चित करने की सख्त सिफारिश की है।
शासन की ओर से होम्योपैथ अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। मैंने हाल ही में जिम्मेदारी संभाली है। कैग की ऑडिट रिपोर्ट की जानकारी नहीं हो सकी है। होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के निर्माण और इसके बजट के मुद्दे पर विस्तृत जानकारी लेकर शासन को अवगत कराया जाएगा। -डॉ. प्रतिमा सिन्हा, जिला होम्योपैथ अधिकारी
कैग रिपोर्ट के आधार पर भूखंडों की फिर से जांच कराई जाएगी। जांच के बाद जो भी रिपोर्ट आएगी, इसे सार्वजनिक किया जाएगा। -एसएम पटेल, क्षेत्रीय प्रबंधक, यूपीसीडा