लोकसभा और विधानसभा उपचुनावों में विपक्षी पार्टियों ने जो फार्मूला अपनाया है, उसे फेल करने के लिए भाजपा विशेष संपर्क अभियान चला रही है। इसके जरिए पार्टी आगामी लोकसभा की जमीन तैयार कर रही है।
एम (महागठबंधन व मुस्लिम) और वाई (युवा व यादव) यानी एमवाई समीकरण को साधने में भाजपा के दिग्गज नेता जुट गए हैं। पीएम के संसदीय क्षेत्र में कैबिनेट उतारी जा रही है। विशिष्टजनों से मुलाकात कर सरकार के काम बताने वाले नेता सहयोग के लिए एक बार फिर से साथ मांग रहे हैं।
भाजपा के टेस्टिंग लैब कैराना में केमिस्ट्री बिगड़ने के बाद पार्टी ने बदली रणनीति के तहत काम शुरू कर दिया है। शनिवार को पीएम के संसदीय क्षेत्र में न केवल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बल्कि उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा और केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री रिटायर्ड जनरल वीके सिंह को अलग-अलग इलाकों में जाकर विशिष्टजनों को साधने की जिम्मेदारी दी गई है। जिसे वे बखूबी निभा रहे हैं।
फीडबैक के आधार पर आगे बनेगी रणनीति
प्रो. सरोज चुड़ामणि गोपाल जी के साथ सीएम योगी
- फोटो : अमर उजाला
काशी के प्रबुद्धजनों, डाक्टर, इंजीनियर, व्यापारी, कलाकारों के घर जाकर सरकार की साफ नीयत और सही विकास के बारे में बताया जा रहा है। पार्टी के दिग्गज नेता जिस तरीके लोगों को अपनी बात बता रहे हैं उससे लगता है कि पार्टी को कहीं न कहीं कुछ फीडबैक ऐसा मिला है जिसे समय रहते सुधारने का प्रयास किया जा रहा है ताकि इसका लाभ लोकसभा में मिल सके।
पार्टी की मानें तो विशिष्टजनों से मुलाकात कर जनता के लिए होने वाले कार्यों के बारे में बताया जा रहा है। मोदी सरकार के चार साल के कार्यकाल से जुड़ी पुस्तक भेंट कर पार्टी अपना नजरिया बता रही है। सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को काशी के पांच बिभूतियों से मुलाकत कर मिशन 2019 के लिए सहयोग किया।
2019 के नए नारे साफ नीयत सही विकास से जुड़ी सरकार के कार्यों की पुस्तिका भी भेंट की। मुख्यमंत्री बीएचयू के ह्दय रोग विशेषज्ञ डॉ. टीके लहरी, साहित्यकार सुरेंद्र प्रताप सिंह, विद्वान चंद्रमौलि उपाध्याय, गढ़वा घाट के संत शरणानंद और एडवोकेट राधेश्याम चौबे से मिले।