फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अलविदा माहे रमजान, अब तू हमसे रुखसत हो चला...

विज्ञापन
विज्ञापन
वाराणसी। मुकद्दस माह ए रमजान के अलविदा की आहट से रोजेदारों के दिल उदास थे। शुक्रवार को दुआ के बाद जब इमाम ने कहा अलविदा माहे रमजान, अब तू हमसे रुखसत हो चला... तो नमाजियों की आंखें नम हो गईं। शुक्रवार को माह ए रमजान की रुखसती का पैगाम लेकर आए अलविदा जुमे की नमाज घरों से लेकर मस्जिदों तक अदा की गई। कोविड प्रोटोकॉल का पालन कर शहर से गांव तक की मस्जिदों में अकीदत के साथ नमाज अदा हुई। मस्जिदों में पूरी अकीदत और एहतेराम के साथ नमाज अदा करने के बाद बारगाह ए इलाही में नमाजियों ने मुल्क में अमन-चैन और खुशहाली के लिए दुआ की। इसके साथ ही खुदा से कोरोना महामारी के खात्मे की भी दुआ की गई। इससे पहले इमाम ने खुत्बा और तकरीर में अलविदा जुमा की अहमियत समझाई और ईद को रमजान का तोहफा बताया। कड़ी सुरक्षा और चाक चौबंद व्यवस्था के बीच सभी जगह कोविड प्रोटोकाल का पालन कर शांतिपूर्ण ढंग से अलविदा की नमाज हुई। मस्जिद ज्ञानवापी से लेकर मस्जिद दायम खां पुलिस लाइन, मस्जिद लंगड़े हाफिज नई सड़क, मस्जिद खरबूजा शहीद, जामा मस्जिद नदेसर, मस्जिद लाट सरैंया, काली महल शिया मस्जिद में अलविदा जुमे की नमाज इमाम सहित पांच नमाजियों में ही अदा की गई। इस दौरान मस्जिदों के आसपास भारी संख्या में पुलिस और पीएसी बल तैनात रहे। अलविदा जुमा के दौरान होने वाली नमाज में मस्जिदों में पांव रखने की जगह नहीं होती थी लेकिन संक्रमण के कारण रोजेदार घरों में ही रहे।
विज्ञापन

रोजा
इफ्तार
08 मई
सुन्नी-6:31
शिया-6:42
09 मई
सहरी
सुन्नी-3:53
शिया-3:48
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें