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मौत का सौदा: चालान से बचने के लिए खरीद रहे 300 का हेलमेट, एक साल में 19 की गई जान

Mon, 29 Jun 2026 03:55 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: चालान से बचने के लिए लोग घटिया हेलमेट खरीद रहे हैं, जो हादसे को दावत दे रहे हैं। कई मामलों में ऐसा हुआ कि घटिया हेलमेट पांच फीट की ऊंचाई से गिरने का भार भी नहीं थाम सके।  
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हेलमेट - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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चालान से बचने के चक्कर में घटिया हेलमेट खरीदने के कारण एक साल (जून 2025-2026 के बीच) में 19 लोगों की जान चली गई। घटिया हेलमेट सिर्फ 300 रुपये में फुटपाथ पर बिक रहे हैं। पांच फीट की ऊंचाई से गिरने का भार भी हेलमेट नहीं संभाल सके। हादसों के दौरान किसी का हेलमेट खुलकर गिर गया, तो किसी का फट गया। 40 की गति में डिवाइडर से टकराने के बाद भी घटिया हेलमेट पहनने वालों की जान नहीं बच सकी।

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पुलिस जांच में सामने आया कि एक साल में सड़क हादसों में 325 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। इनमें से 19 मामले ऐसे रहे जिनमें मौत की वजह घटिया हेलमेट पहनना रहा है। कुछ हेलमेट फुल-फेस भी नहीं थे। हेलमेट न पहनने पर पुलिस सालाना एक लाख से ज्यादा का चालान करती है। इससे बचने के लिए ही लोग जान की परवाह नहीं करते और घटिया हेलमेट खरीदकर पहन लेते हैं। 

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अभियान के दौरान घटिया हेलमेट लगाने वालों का एक भी चालान नहीं किया गया। न ही कभी पुलिस ने हेलमेट की गुणवत्ता जांची गई जबकि सड़क सुरक्षा और जागरूकता अभियान के दौरान पुलिस गुणवत्ता युक्त हेलमेट लगाकर चलने की बात कहती है। सबसे ज्यादा हादसे चौबेपुर, बाबतपुर, आजमगढ़ रोड हुए हैं।

केस-1
लहरतारा फ्लाईओवर और संपर्क मार्ग के बीच स्पीड की वजह से बाइक सवार महज तीन मीटर की दूरी पर रेलिंग से टकराया। पांच फीट की ऊंचाई से नीचे गिरा और उसकी मौत हो गई । युवक गुलाबबाग, सिगरा का निवासी था। किराये के मकान में रहता था। जांच में सामने आया कि उसने जो हेलमेट पहना था, उसे सड़क के किनारे से खरीदा था। हादसे के दौरान हेलमेट क्षतिग्रस्त हो गया था और उसके सिर में गंभीर चोट आई थी।

केस-2
सारनाथ थाना क्षेत्र में टक्कर के बाद बाइक सवार का हेलमेट सिर से निकल गया था और घसीटे जाने के दौरान उसके सिर में गंभीर चोट आई। इससे उसकी मौत हो गई। बाइक पर दो युवक सवार थे।

केस-3
फूलपुर में ट्रक से बाइक टकराने के बाद जौनपुर का युवक नीचे गिर गया। गिरने के दौरान ही हेलमेट दो टुकड़ों में बंट गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

केस-4
चौबेपुर थाना क्षेत्र में तीन मामले ऐसे आए जिनमें घटिया हेलमेट लगाने से जान चली गई। राष्ट्रीय राजमार्ग पर चार मामले ऐसे दर्ज किए गए। शिवपुर-हरहुआ में दो मामले सामने आए। कुल 19 मामले रहे।

ये कहता है नियम

घटिया हेलमेट लगाने पर एक हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान
मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 के अनुसार, अगर आपने ऐसा हेलमेट पहना है जिस पर आईएसआई मार्क नहीं है। यानी सड़क किनारे बिकने वाला 300 रुपये का प्लास्टिक हेलमेट, तो उसे कानूनी तौर पर बिना हेलमेट ही माना जाएगा। ऐसे में 1,000 रुपये के चालान का प्रावधान है। ड्राइविंग लाइसेंस भी तीन महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है।

स्ट्रैप (फीता) न बांधना
अगर आपने अच्छी गुणवत्ता का आईएसआई मार्क वाला हेलमेट पहना है, लेकिन उसका स्ट्रैप (फीता) लॉक नहीं किया है या ठीक से नहीं बांधा है, तो भी मोटर वाहन नियमों के तहत आप पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। दुर्घटना के समय स्ट्रैप ही हेलमेट को सिर पर टिकाए रखता है।
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बिक्री और निर्माण पर रोक

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के आदेशानुसार, भारत में बिना आईएसआई (आईएस 4151) मार्क वाले दोपहिया हेलमेट बनाना, स्टोर करना या बेचना दंडनीय अपराध है। ऐसा करने वाले विक्रेताओं या निर्माताओं को जेल की सजा और भारी जुर्माना दोनों हो सकता है।
 

अधिकारी बोले
यातायात जागरूकता और सड़क सुरक्षा अभियान के दौरान लोगों को इन बातों की जानकारी दी जाती है। घटिया हेलमेट पहनने वालों पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। चेकिंग के दौरान हेलमेट की गुणवत्ता भी जांची जाएगी। -अंशुमान मिश्रा, एडीसीपी ट्रैफिक

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