वाराणसी के राजादरवाजा निवासी झोला कारोबारी मोहन निगम की हत्या गोला दीनानाथ के शुभम केशरी ने सुड़िया निवासी अपने दोस्त संजय यादव उर्फ नाटे के साथ मिलकर की थी। सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस से तस्दीक के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
वारदात में प्रयुक्त .32 बोर की पिस्टल के अलावा एक रिवाल्वर और दो कारतूस बरामद किए गए हैं। शुभम पहले झोला कारोबारी के साले सुनील निगम की दुकान में काम करता था। बहन की शादी के नाम पर लिए गए 90 हजार रुपये नहीं लौटाने पर सुनील और मोहन ने उस पर दबाव बनाया था।
पुलिस की पूछताछ में शुभम ने बताया कि पैसा वसूलने के लिए सुनील के साथ मोहन उसके घर आए थे और उसके परिवार की बेइज्जती की थी। उसी के बाद उसने नाटे के साथ मिलकर वारदात की योजना बनाई।
एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने शनिवार को पुलिस लाइन स्थित सभागार में वारदात का खुलासा किया। 28 अगस्त की रात झोला कारोेबारी मोहन निगम की तब बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी जब वह राजादरवाजा स्थित अपनी दुकान में बैठे थे।
खुलासे के लिए एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह के नेतृत्व में एसटीएफ, क्राइम ब्रांच, एलआईयू सहित पुलिस की दस टीमें लगाई गईं। क्षेत्र की दुकानों में लगे दो सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में सफेद शर्ट और काले रंग की टी-शर्ट में दो बदमाश भागते नजर आए थे।
इनकी तस्दीक के लिए पुलिस ने राजादरवाजा और आसपास के इलाकों में पूछताछ की। शुभम केशरी और संजय यादव नाटे के रूप में शिनाख्त के बाद पुलिस ने दोनों के मोबाइल नंबर की लोकेशन सर्विलांस की मदद से ट्रेस की तो वारदात के समय उनके राजादरवाजा में होने की पुष्टि हुई।
छानबीन में जुटीं पुलिस टीमों को शुक्रवार की रात शुभम और नाटे के बेनिया पार्क में होने की सूचना मिली। तत्काल घेरेबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। एसएसपी का कहना है कि दोनों वारदात के बाद मोबाइल फेंककर चंदौली भाग गए थे।
उन पर गैंगस्टर और रासुका की भी कार्रवाई होगी। मामले में हिरासत में लिए गए मोहन के भाई रामचंद्र और उसके बेटे शिव को छोड़ दिया गया है।