वाराणसी। सब कुछ ठीक रहा तो बहुत जल्द बिहार तक का सफर काशीवासी रोडवेज बसों के जरिए कर सकेंगे। वाराणसी-बिहार के बीच बस संचालन की तैयारी में उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम जुट गया है। मुख्यालय स्तर से इसका खाका खींचा जा रहा है। संभव है कि एक दो माह के अंदर परमिट की अनुमति मिलने के बाद किराया और रूट का निर्धारण तय हो जाएगा। इस समय रोडवेज की बिहार तक कोई सेवा नहीं है।
2017 में सारनाथ-गया मार्ग के बीच दो साधारण बसों का संचालन किया जा रहा था लेकिन परमिट फेल होने के बाद बसों का संचालन थम गया। न तो परमिट का नवीनीकरण हुआ और न ही किसी ने दिलचस्पी दिखाई। हालांकि एक बार फिर से बिहार में यूपी रोडवेज की बसों को दौड़ाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। अब तक अनाधिकृत तौर पर सामनेघाट से बिहार के बीच डग्गामार वाहनों का संचालन हो रहा है। वाराणसी-बिहार के बीच रोडवेज बसों के संचालन से बीएचयू सहित शहर के कई नामचीन अस्पतालों में इलाज कराने को आने वाले मरीजों को राहत हो जाएगी। वहीं कई छात्र-छात्राओं को भी आने जाने में बहुत सहूलियत हो सकेगी। बिहार के विभिन्न जिलों से वाराणसी आने व जाने वालों की संख्या बहुत अधिक है। रोडवेज अधिकारियों के अनुसार बसों के संचालन से जहां यात्रियों को राहत होगी तो वहीं रोडवेज की आय में भी वृद्धि हो सकेगी।
यात्री सुविधाओं में बढ़ोतरी को देखते हुए बिहार तक बस चलाने की प्रक्रिया मुख्यालय स्तर से चल रही है। जल्द ही परमिट पर मुहर लगते ही किराया और रूट का निर्धारण किया जाएगा। -एसके राय, क्षेत्रीय प्रबंधक, वाराणसी परिक्षेत्र