कैंट स्टेशन, वाराणसी से चलकर अहमदाबाद जाने वाली साबरमती एक्सप्रेस मंगलवार को बर्निंग ट्रेन बनने से बच गई। शिवपुर स्टेशन के पास ट्रेन के इंजन में जोरदार धमाके के साथ आग लग जाने से हड़कंप मच गया। फायर ब्रिगेड की चार टीमों ने 40 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। दुर्घटना में किसी यात्री को कोई नुकसान नहीं हुआ। करीब ढाई घंटे के बाद दूसरा इंजन लगाकर ट्रेन रवाना की गई। इस दौरान वाराणसी-लखनऊ रेल खंड पर ट्रेनों का परिचालन बाधित रहा।
कैंट स्टेशन से अपराह्न 2:35 बजे साबरमती एक्सप्रेस रवाना हुई। शिवपुर स्टेशन के पहले होम सिग्नल के पास ट्रेन पहुंची ही थी कि 2:50 बजे लोको पॉयलट निर्मल नारजी को जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी। लोको पॉयलट ने ट्रेन रोककर पीछे देखा तो इंजन से धुआं निकल रहा था। उसने तत्काल इंजन को बोगियों से अलग कर आगे बढ़ा दिया। पहले तो लोको पॉयलट और सह पॉयलट वकील प्रसाद ने आग बुझाने का प्रयास किया। जब फायर इस्टिंग्युशर से कामयाबी नहीं मिली तो शिवपुर स्टेशन मास्टर को जानकारी दी।
स्टेशन से 100 नंबर, फायर ब्रिगेड और रेल कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। उधर, इंजन से आग की लपटें निकलती देख मालगाड़ी के इंजन से बोगियों को दूर ले जाया गया। कुछ देर बाद रेलवे के अधिकारी, और फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां पहुंच गईं। कड़ी मशक्कत कर 3:20 बजे आग पर काबू पाया गया। इसके बाद दूसरा इंजन लगाकर 5:10 बजे ट्रेन रवाना की गई। इस दौरान 2:20 घंटे तक वाराणसी-लखनऊ रूट पर बाधित रहा। श्रमजीवी, बरौनी-अंबाला एक्सप्रेस, बनारस-लखनऊ इंटरसिटी, पटना-कोटा, पाटलिपुत्र एक्सप्रेस आदि ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ। इस दौरान मौके पर सीटीएम रवि प्रकाश चतुर्वेदी, सहायक कमांडेंट आरपीएफ सुकुमार पाल, वरिष्ठ स्टेशन प्रबंधक एके पांडेय, टीआई केके सिंह मौजूद रहे।