कागज-बांस और लुगदी से तैयार रावण के विशालकाय पुतलों को जलाकर लोगों ने बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया। दशहरा पर 70 फीट का सबसे बड़ा रावण डीरेका स्टेडियम के मैदान में जलाया गया। रामनगर के ऐतिहासिक लंका मैदान में रावण के पुतले के सुरंगनुमा पेट से घुसकर पार होने की होड़ मची रही।
यूपी कॉलेज के पास, हुकुलगंज में रावण का पुतला दहन देखने के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।मलदहिया चौराहे पर लोक निर्माण राज्य मंत्री सुरेंद्र पटेल की मौजूदगी में रावण का पुतला दहन हुआ। मंत्री ने भी रावण के पुतले पर वाण चलाए।
विजयादशमी पर डीरेका में बुराई के प्रतीक रावण, कुंभकरण तथा मेघनाद का संहार तथा उनके विशालकाय पुतलों के दहन के दौरान आकर्षक आतिशबाजी का नजारा देखने को मिला। इस दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। डीरेका परिवार के सदस्यों तथा बच्चों द्वारा राम चरित मानस के अंतर्गत राम वनगमन, सीता हरण, लंका दहन, मेघनाद द्वारा लक्ष्मण पर शक्ति प्रयोग, राम विलाप तथा सीता अग्नि परीक्षा इत्यादि विविध प्रसंगों का रूपक के रूप में जीवंत प्रस्तुतिकरण किया गया।
इसके बाद कुंभकरण मेघनाद और रावण वध के उपरांत उनके विशालकाय पुतलों के दहन हुए। डीरेका ककरमत्ता मार्ग पर भारी भीड़ के चलते घंटाें जाम लगा रहा। इस दौरान पूरे परिसर में दो पहिया वाहनों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था। गैस सिलेंडर व गैस वाले गुब्बारों की बिक्री पर भी रोक लगा दी गई थी।
समारोह के अंत में धन्यवाद ज्ञापन समिति संयोजक महेश प्रताप सिंह ने दिया।मलदहिया में रावण का पुतला शाम छह बजे जलाया गया। आईजी अमरेंद्र सिंह सेंगर, डीएम राजमणि यादव, पूर्व सांसद राजेश मिश्रा, सतनाम सिंह, भाजपा महानगर अध्यक्ष प्रदीप कुमार अग्रहरि समेत तमाम लोग उपस्थित थे।