यात्री सुविधाओं के उद्घाटन समारोह में बोलते रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा।
रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि वाराणसी-दिल्ली रेल खंड पर बुलेट ट्रेन चलाने के लिए सर्वे का काम शुरू करा दिया गया है। सर्वे पूरा होने के बाद इस तीन सौ किमी की रफ्तार से ट्रेनें चलाने की दिशा में आगे का काम होगा। उन्होंने बताया कि वाराणसी सिटी से मंडुवाडीह स्टेशन तक तीसरी लाइन बिछाने का काम अगले साल जून तक पूरा कर लिया जाएगा। इससे ट्रेनों के लेट होने और आउटर पर खड़ी होने की समस्या दूर होगी। रेल राज्यमंत्री सोमवार को मंडुवाडीह स्टेशन पर अतिरिक्त प्रवेश द्वार और यात्री सुविधाओं के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि ट्रेनों की संख्या और यात्रियों का दबाव बढ़ता गया लेकिन वर्ष 2014 से पहले रेलवे नेटवर्क पर सिर्फ 48 हजार करोड़ का निवेश हुआ। अब यह निवेश बढ़ाकर 125 हजार करोड़ रुपये कर दिया गया है। इससे नई रेल लाइनें बिछाने और नए रेल पुलों का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। इसी क्रम में वाराणसी सिटी स्टेशन से मंडुवाडीह स्टेशन तक तीसरी लाइन बिछाने का काम शुरू करा दिया गया है। इसे अगले साल जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। रेलमंत्री ने कहा बलिया से इलाहाबाद तक जल्द ही डेमू चलाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि 2020 तक यात्रियों को आन डिमांड आरक्षित टिकट मुहैया कराने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही रेल बजट में घोषित ट्रेनों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अंत्योदय, हमसफर और तेजस जैसी ट्रेनें जल्द चलाई जाएंगी। उन्होंने कहा रेल के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश काफी पिछड़ा है, जिसे अब अग्रणी बनाया जाएगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश में पांच हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
रेल राज्यमंत्री ने सोमवार को मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन पर उच्च श्रेणी प्रतीक्षालय, अतिरिक्त प्रवेश द्वार एवं उन्नत यात्री सुविधाओं का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यात्रियों के दबाव को देखते हुए स्टेशन की आधारभूत संरचना मजबूत की जा रही है। स्टेशन की सुविधाओं के विस्तार पर 27 करोड़ रुपये खर्च होंगे। रेल राज्यमंत्री ने मुख्य प्रवेश द्वार के निकट नवनिर्मित अतिरिक्त प्रवेश द्वार से यात्री सीधे वाहन से प्लेटफार्म तक जा सकेंगे। स्टेशन पर दस करोड़ रुपये की लागत से उन्नत यात्री सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं। मंडुवाडीह के साथ ही सिटी स्टेशन को सैटेलाइट स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। समारोह के बाद पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजीव मिश्र ने निर्माणाधीन द्वितीय प्रवेश द्वार का निरीक्षण किया। उन्होंने गुणवत्ता के साथ तय समय में काम पूरा कराने का निर्देश दिया।