इसके बाद मामला तहसीलदार न्यायालय में पहुंचा, जहां सुनवाई के दौरान कब्जे को अवैध मानते हुए उसे हटाने का आदेश दिया गया। प्रशासन का कहना है कि आरोपी को नियमानुसार नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने और आपत्ति दर्ज कराने का पर्याप्त अवसर दिया गया था, लेकिन उसकी ओर से कोई आपत्ति दाखिल नहीं की गई। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में गुरुवार को राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से अवैध निर्माण ध्वस्त कर सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया।
दूल्हा आजाद बिंद हत्याकांड के आरोपी के खिलाफ हुई इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में दिनभर चर्चा का माहौल रहा। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई किसी अन्य मामले में नहीं, बल्कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के संबंध में राजस्व न्यायालय के आदेश के तहत की गई है।
तहसीलदार शाहगंज ने बताया कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया जाएगा।