धम्म लर्निंग सेंटर के नेतृत्व में तथागत की प्रथम उपदेश स्थली से संकिशा फर्रुखाबाद तक की पदयात्रा 20 नवंबर से शुरू होगी। बौद्ध भिक्षु भगवान बुद्ध के पदचिह्नों पर चलकर इस यात्रा को पूर्ण करेंगे। सारनाथ से शुरू होकर लगभग 600 किलोमीटर के दायरे में आने वाले श्रद्धालुओं को भगवान बुद्ध के उपदेशों को सुनाते हुए बौद्ध भिक्षु आगे बढ़ेंगे। यह यात्रा वाराणसी, जौनपुर, प्रतापगढ़, रायबरेली, हरदोई होते हुए फर्रुखाबाद तक जाएगी। इस दौरान 25 स्थलों पर धर्मोपदेश करते हुए यात्रा फर्रुखाबाद के संकिशा पहुंचकर 14 दिसंबर को यात्रा समाप्त होगी। मान्यता है कि संकिशा में ही बुद्ध ने स्वर्ग से पृथ्वी पर उतरकर अपनी मां को उपदेश दिया था। यह बौद्ध धर्म के आठ महान तीर्थ स्थलों में से एक है।