बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षिकाओं को बच्चों की देखभाल के लिए मिलने वाले चाइल्ड केयर लीव (सीसीएल) में अनियमितता का मामला सामने आया है। शिक्षकों व खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में हड़कंप मचा हुआ है। शासन ने 2018 में सीसीएल के लिए ब्लॉक फॉरवर्डिंग का अधिकार बीईओ से वापस ले लिया था। तब से शिक्षिकाओं को सीधे बीएसए ऑफिस में आवेदन करना होता है। लेकिन विद्यापीठ ब्लॉक में दो ऐसे मामले सामने आए है, जहां बीएसए की स्वीकृति बिना ही बीईओ ने शिक्षिकाओं को अवकाश पर भेज दिया। मानव संपदा पोर्टल के जरिए बीएसए ने जब शिक्षकों की छुट्टी की जांच की तो इसका खुलासा हुआ। बीएसए ने मामले की जांच शुरू कर दी है। खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. किरण पांडेय से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि यह गलती से हो गया है। प्रथम दृष्टया अध्यापिका व खंड शिक्षा अधिकारी की मिलीभगत से ही अवकाश स्वीकृत किया गया। जो अनियमितता की श्रेणी में आता है। सहायक अध्यापिकाओं के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ खंड शिक्षा अधिकारी को भी शो कॉज नोटिस जारी किया गया है।