फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बलिया: गंगा नदी पर बनी पुलिया टूटकर बही, बाढ़ की चपेट में कई गांव, संपर्क भी टूटा

Sat, 05 Sep 2020 12:52 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
विज्ञापन
पुल टूटकर बहा। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में गंगा उफान पर है। जिले में गंगा नदी के उस पार नौरंगा चक्की संपर्क मार्ग पर करीब 10 लाख की लागत से बनी पुलिया शुक्रवार की देर रात पूर्ण रूपेण गंगा की लहरों में कट कर बह गई। जिसके चलते नौरंगा, भुवाल छपरा चक्की के लोगों को अपने सामानों को बिहार में भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का एकमात्र विकल्प नाव ही अब बचा है।

विज्ञापन

वहीं अगर संपर्क मार्ग कटता है तो नवरंगा गांव में भी पानी भर जाएगा। उसके बाद लोगों को कहीं पर आने जाने के लिए एकमात्र विकल्प के रूप में नाव ही बचेगी।


बता दें कि वर्षों से गंगा नदी के उस पार बसा गांव नौरंगा विकास से कोसों दूर रहा। वहां के लोगों ने अपनी आवाज उठाई तो कुछ आशा की किरण जगी। लेकिन प्रशासनिक उदासीनता व जनप्रतिनिधियों के उदासीन रवैये के कारण आज भी नवरंगा विकास से कोसों दूर है।

अब यह गांव ठीक गंगा के मुहाने पर खड़ा है, जहां लोगों को अपना कोई भी विकास का कार्य अच्छा नहीं लगता। उनको एक मात्र विकास के रूप में केवल अपने गांव को गंगा की गोद में जाने से बचाने का उपाय ही सूझता है।

ग्राम प्रधान बबीता ठाकुर पत्नी समाजसेवी सुरेंद्र ठाकुर लगातार दो दिनों से करीब 2000 बालू से भरी बोरियों को ग्रामीणों के साथ मिलकर नौरंगा संपर्क मार्ग पर डाल रहे हैं, ताकि हर हाल में गंगा के कहर से संपर्क मार्ग को बचाया जाए। जिससे गांव में पानी न फैल सके।
विज्ञापन

पीड़ितों का कहना है कि दिन प्रतिदिन गंगा की लहरें हमारी कृषि योग्य जमीनों को निकलकर हमें भूमिहीन बनाते चली जा रही है। जिसके कारण अब मासूमों के दो जून के रोटी पर भी सवाल खड़े हो गए। आज भी ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ग्रामीणों संग नवरंगा संपर्क मार्ग को बचाने में जी जान से जुटे हुए हैं लेकिन सब कुछ जानने के बाद भी जिला प्रशासन से लेकर बाढ़ विभाग तक मौन बना हुआ है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें