दूसरा सत्र रचनात्मक अर्थव्यवस्था में कॉपीराइट और नैतिक एआई विषय पर केंद्रित रहा। इसमें कॉपीराइट संरक्षण, सांस्कृतिक पहचान की सुरक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जिम्मेदार उपयोग को लेकर विचार-विमर्श किया गया। सदस्य देशों ने इस क्षेत्र में भविष्य के सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की।
बैठक में ब्राजील, चीन, इंडोनेशिया, ईरान, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधि प्रत्यक्ष रूप से शामिल हुए, जबकि इथियोपिया, मिस्र और रूस के प्रतिनिधियों ने वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की। सदस्य देशों ने सांस्कृतिक सहयोग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार और प्राथमिकताएं साझा कीं। कार्यक्रम के अंत में भारतीय संस्कृति की विविधता को प्रदर्शित करने वाला सांस्कृतिक आयोजन भी हुआ। इसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों की संगीत एवं लोक-शास्त्रीय नृत्य परंपराओं की प्रस्तुति दी गई, जिसे विदेशी प्रतिनिधियों ने सराहा।
भारत की अध्यक्षता में आयोजित यह बैठक ब्रिक्स देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को नई मजबूती देने और भविष्य में सहयोग के नए रास्ते खोलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इसके बाद सभी सदस्यों ने नमो घाट पर होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखा।