काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास फेसबुक और ट्विटर के माध्यम से अपनी ब्रांडिंग कर रहा है। वहीं प्रवासी भारतीय सम्मेलन को देखते हुए अब गंगा में चलने वाली नावों के जरिये भी ब्रांडिंग की तैयारी है। मंदिर न्यास ने सम्मेलन से पहले नावों को रंगवाने का काम शुरू कर दिया है, ताकि गंगा में चलने वाली अधिकतर नावों एक जैसी दिखें।
गंगा में इस समय करीब एक हजार नावें चल रही हैं। प्रवासी भारतीय सम्मेलन की अनौपचारिक शुरुआत भी 20 जनवरी की शाम को गंगा आरती से होगी। मंदिर प्रशासन इसे अपनी ब्रांडिंग के सुनहरे अवसर के रूप में देख रहा है।
करीब 300 नावों को रंगवाने की योजना के तहत अब तक 100 नावों को भगवा रंग में रंगा जा चुका है। इससे दशाश्वमेध घाट की अधिकतर नाव एक रंग की दिख रही हैं। एसडीएम विनोद सिंह ने बताया कि जल्द ही अन्य नावों को भी रंगवाया जाएगा।
प्रवासी भारतीय सम्मेलन शुरू होने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। इसके मद्देनजर परिवहन निगम ने भी जोर शोर से तैयारियां शुरू कर दी हैं। सभी बसों पर स्टीकर और झंडे लगाने शुरू किए गए हैं। ये झंडे ज्यादातर भगवा रंग के हैं। इसके अलावा बस स्टेशन पर होर्डिंग लगाए गए हैं। पेटिंग भी कराई जा रही है।
अब सभी डिपो की बसों में झंडे और स्टीकर लगाकर प्रचार-प्रसार करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए सभी डिपो को झंडे और स्टीकर उपलब्ध कराए गए हैं। कुछ स्टीकर और झंडे आसमानी रंग के हैं। अधिकांश झंडे भगवा रंग के हैं, जबकि कुछ स्टीकर में भगवा रंग का प्रयोग किया गया है।
इन पर प्रवासी भारतीय सम्मेलन और काशी में आपका स्वागत है अंकित होने के साथ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मंदिर, गंगा की तस्वीर उकेरी गई है। सोमवार से झंडे लगाने का काम भी शुरू कर दिया गया है।
...ताकि अतिथि से काशी का बने अटूट रिश्ता
प्रवासी भारतीय सम्मेलन में शामिल होने वाले कई अतिथियों की मेहमाननवाजी काशी की समृद्ध आतिथ्य परंपरा के आधार पर होगी। मेजबान अपने मेहमानों को दर्शनीय स्थलों के साथ आध्यात्मिक क्षेत्रों के दर्शन भी कराने की तैयारी में हैं। लजीज पकवानों को खानपान के केंद्र में रखा गया है।
जवाहर नगर, भेलूपुर के रहने वाले रीयल इस्टेट कारोबारी दीपक कुमार बहल के घर बहरीन के राजशेखरन पिल्लई आ रहे हैं। इनके स्वागत के लिए पूरा परिवार उल्लास से भरा है। दीपक ने कहा- हमारा प्रयास होगा कि काशी की कला व संस्कृति से मेहमानों को रूबरू कराया जाए।
स्वागत से लेकर काशी दर्शन को खास बनाने की भी तैयारी की जा रही है। पत्नी सपना बहल ने बताया कि काशी से मेहमानों का रिश्ता अटूट बने, इसके लिए मेहमान का परंपरा के अनुसार स्वागत किया जाएगा। साथ ही यहां के प्रमुख व्यंजन उनके सामने परोसने की भी तैयारी है। हमारी कोशिश होगी कि मेहमान कम समय में ज्यादा से ज्यादा काशी के बारे में जान सकें।