बहुचर्चित कुंडेसर चट्टी तिहरे हत्याकांड में कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में एमएलसी बृजेश सिंह तथा त्रिभुवन सिंह को मंगलवार को बरी कर दिया। मई 1991 में एक साथ हुए लोकसभा और विधानसभा के चुनाव के दौरान प्रत्याशी अफजाल अंसारी के काफिले पर गाजीपुर जिले के भांवरकोल थाने के कुंडेसर चट्टी पर गोलीबारी हुई थी।इसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी। आगे की स्लाइड्स में देखें..
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त्रिभुवन सिंह
- फोटो : अमर उजाला
इस मामले में एमएलसी बृजेश सिंह तथा त्रिभुवन सिंह को आरोपी बनाया गया था। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश ने मंगलवार को इस हत्याकांड के दोनों आरोपियों बृजेश सिंह तथा त्रिभुवन सिंह को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
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एमएलसी बृजेश
- फोटो : अमर उजाला
इससे पहले वाराणसी सेंट्रल जेल से मंगलवार को कड़ी सुरक्षा में एमएलसी बृजेश सिंह दोपहर करीब 12 बजे जिला न्यायालय के कोर्ट नंबर दो में पहुंचे। दर्जनों लग्जरी गाड़ियां और निजी सुरक्षा कर्मी बृजेश के आगे-पीछे देखे गए। कोर्ट में पेशी के बाद कागजी कार्रवाई पूरी कर बृजेश सिंह को वापस जेल भेज दिया गया।
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court
बृजेश सिंह के जाने के डेढ़ घंटे बाद त्रिभुवन सिंह भी कोर्ट पहुंचा। फिर कागजी कार्यवाही पूरी की गई। इसके बाद उसे मिर्जापुर जेल भेज दिया गया। पेशी के मद्देनजर कचहरी परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
कचहरी में आने और जाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही थी। संदिग्ध लोगों की जांच के बाद ही कचहरी में आने दिया जा रहा था। सादे वेश में भी पुलिस कर्मियों को लगाया गया था।