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मंडल की जयंती

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वाराणसी। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बीपी मंडल को इतिहास में पिछड़ा वर्ग के नायक के रूप में याद किया जाता है। पिछड़ा वर्ग को आजादी के करीब पांच दशक बाद मंडल आयोग की सिफारिश लागू होने से अधिकार मिला लेकिन सामाजिक न्याय को पूरी तरह से जमीन पर उतारने के लिए उनकी दूसरी कई सिफारिशों को लागू करना जरूरी है। उक्त विचार स्व. बीपी मंडल के जयंती शताब्दी समारोह में सपा के जिलाध्यक्ष डॉ. पीयूष यादव ने व्यक्त किए।
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रविवार को सपा महानगर कार्यालय में आयोजित विचार गोष्ठी में महानगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल ने कहा कि वह बहुसंख्यकाें के मसीहा और पिछड़ों की आवाज थे। पूर्व जिलाध्यक्ष आत्माराम यादव ने कहा कि वह समाज में व्याप्त ऊंच-नीच और गैर बराबरी को समाप्त करने के पक्षधर थे। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रमेश राजभर ने किया। इस दौरान शालिनी यादव, आनंद मोहन यादव, प्रदीप जायसवाल, डॉ. आनंद प्रकाश तिवारी, संतोष यादव बबलू एडवोकेट, भीष्म नारायण यादव, विवेक यादव, किशन दीक्षित, दीप चंद गुप्ता, इरशाद अहमद, हीरू यादव, उमा यादव, प्रिया राज अग्रवाल आदि ने विचार व्यक्त किए।
बीपी मंडल को दिया जाए भारतरत्न : शालिनी
वाराणसी। मंडल आयोग के अध्यक्ष स्व. बीपी मंडल को भारत में दबे कुचले व शोषितों को आरक्षण के माध्यम से विकास की मुख्य धारा में लाने के लिए भारतरत्न दिया जाए। उक्त बातें पूर्व सपा लोकसभा प्रत्याशी शालिनी यादव ने कहीं। वह लहरतारा स्थित कबीर मठ में स्व. मंडल के 101वीं जन्म शताब्दी समारोह जयंती व विचार गोष्ठी को संबोधित कर रही थीं। इस दौरान राजू यादव, जय सिंह टाइगर, मनोज, शिवआधार आदि मौजूद थे।
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