कोटा ग्राम पंचायत के झलुहवा छिकराडाड़ टोला निवासी रामसूरत (45) अपनी पत्नी कौशल्या (40) के साथ गत 11 मार्च को मजदूरी करने के लिए घर से निकले थे। दोनों गांव के ही रामसुंदर के मकान में मिट्टी की दीवार बनाने में लगे थे। काम खत्म करने के बाद दोनों घर जाने के लिए निकले, लेकिन वहां नहीं पहुंचे।
परिवारवालों ने उनकी खोजबीन शुरू की। काफी तलाश के बाद भी कहीं पता नहीं चला। रविवार को ढूंढते हुए परिवारीजन और ग्रामीण जंगल की ओर गए तो वहां तेज दुर्गंध उठ रहा था। उस ओर जाने पर देखा कि आसन के पेड़ से गमछे के सहारे फंदे पर रामसूरत का शव लटक रहा था।
ग्रामीण पास पहुंचे तो कुछ दूरी पर नाले में कौशल्या देवी का शव क्षत-विक्षत हाल में पड़ा था। उसके शरीर पर चोट के निशान थे। दोनों के शव में कीड़े पड़ गए थे। सूचना पर परिवारीजन और पुलिस मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव का कब्जे में लेकर छानबीन की। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।
दंपती को दो बेटे और चार बेटियां है। सबसे बड़ा बेटा शिवशंकर और बेटी सुनीता की शादी हो चुकी है। इसके अलावा दूसरा बेटा वीर सिंह, बेटी सीता (11), राजकुमारी (8), छोटी (5) हैं। घटना से घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। चोपन एसओ अखिलेश मिश्र ने बताया कि पुत्र शिवशंकर की तहरीर पर शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दंपती पिछले चार दिनों से लापता थे। मौके की स्थिति देखने से प्रथम दृष्टया लग रहा है कि पत्नी की हत्या के बाद पति ने गमछे से फंदा लगाया है। फिलहाल सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही सही स्थिति स्पष्ट होगी। जल्द ही घटना का अनावरण होगा। - अभिषेक वर्मा, एसपी, सोनभद्र।