इन लोकोमोटिव में अत्याधुनिक लोको कैब, सेमी-ऑटोमेटिक कपलर, क्रैशवर्दी डिजाइन और बेहतर ब्रेकिंग प्रणाली जैसी विशेषताएं शामिल हैं। इन तकनीकी सुविधाओं का उद्देश्य परिचालन को अधिक प्रभावी और सुरक्षित बनाना है। आधुनिक डिजाइन और तकनीकी दक्षता के साथ तैयार किए गए ये इंजन भारतीय रेल की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने कहा कि कारखाने में निर्मित प्रत्येक लोकोमोटिव भारत की औद्योगिक आत्मनिर्भरता, नवाचार और तकनीकी उत्कृष्टता का प्रतीक है। पुश-पुल लोकोमोटिव का निर्माण ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को सशक्त बनाता है। उन्होंने बरेका की उत्पादन क्षमता और तकनीकी दक्षता को इस उपलब्धि का आधार बताया।
भगत की कोठी लोको शेड भेजे गए इंजन
बरेका में निर्मित लोकोमोटिव संख्या 45336 और 45337 को उत्तर पश्चिम रेलवे के भगत की कोठी, जोधपुर स्थित डीजल लोको शेड के लिए भेजा गया है। इन इंजनों के निर्माण से बरेका ने चालू वित्तीय वर्ष में अमृत भारत ट्रेनों के लिए पुश-पुल लोकोमोटिव उत्पादन के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव पार किया है।
बरेका ने अपनी स्थापना से अब तक कुल 11,531 रेल इंजनों का निर्माण किया है। इनमें 3,195 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव शामिल हैं। यह आंकड़ा भारतीय रेल के लिए स्वदेशी रेल इंजन निर्माण में बरेका की दीर्घकालिक भूमिका और योगदान को दर्शाता है।