नेशनल मेडिकल ऑर्गनाइजेशन (एनएमओ) की ओर से रविवार को शिक्षक सम्मेलन और स्थापना दिवस मनाया गया। इस दौरान मेडिकल एजूकेशन के साथ ही अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सकीय सुविधाओं पर मंथन कर सुविधाओं का नए सिरे से खाका तैयार किया जा रहा है। इसको चिकित्सा संस्थानों में भेजा जाएगा।
केएन उडुप्पा सभागार में आयोजित कार्यक्रम में चिकित्सकों ने आने वाले 50 सालों में चिकित्सा व्यवस्था पर विमर्श किया। साथ ही मेडिकल एजूकेशन, भारतीय चिकित्सा पद्धति से जुड़े बिंदुओं पर मंथन किया। डॉ. विश्वंभर सिंह और डॉ. दीपक मिश्रा के देखरेख में हुए कार्यक्रम में 175 से अधिक चिकित्सा शिक्षक शामिल हुए। शिक्षक सम्मेलन में एनएमसी के अध्यक्ष डॉ. गंगाधर बीएन, डॉ. अरुणा वी वाणीकर, डॉ. विजय ओझा, डॉ.वीके शुक्ला सहित अन्य चिकित्सकों ने अपनी बात रखी। सम्मेलन में एनएमओ के अखिल भारतीय सचिव डॉ. अश्वनी टंडन और अध्यक्ष डॉ. सीबी त्रिपाठी ने भविष्य में चिकित्सा सुविधाओं के बारे में विस्तृत चर्चा की। इस दौरान अयोध्या राम लला प्राण प्रतिष्ठा उत्सव में भागीदारी सहित एनएमओ के भविष्य के कार्यक्रम का सभी शिक्षकों ने स्वागत किया। एनएमओ बीएचयू इकाई डॉ.एसके तिवारी ने पहली बार संस्कृत में संदेश दिया। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के अधिकारियों के साथ शिक्षकों ने कई मुद्दों पर बातचीत की। इसमें एनएमसी पाठ्यक्रम के दृष्टिकोण और भविष्य को समझा। शाम को स्थापना दिवस समारोह में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति कर मेडिकल छात्रों ने सभी का दिल जीत लिया। एक से बढ़कर एक प्रस्तुति पर लोगों ने ताली बजाकर छात्रों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम में डॉ. आरएन चौरसिया, डॉ. सचिदानंद, डॉ. एसपी मिश्रा, डॉ. मुरलीधर, डॉ. संजीव सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।