आईआईटी परिसर में छात्रा से अश्लीलता और दीवार बनाने के प्रस्ताव के विरोध में रविवार को भी बीएचयू में प्रदर्शन हुआ। सिंह द्वार के पास अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं से आईसा और भगत सिंह छात्र मोर्चा की भिड़ंत हो गई। इसमें एबीवीपी से जुड़ी दो छात्राओं के हाथ- पैर टूट गए हैं। मामला लंका थाने की पुलिस तक पहुंचा है। एबीवीपी की तरफ से तहरीर दी गई है। यह घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई है।
आईआईटी की घटना को लेकर बीएचयू के सिंह द्वार समेत कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन चल रहा है। रविवार की दोपहर दोनों संगठनों से जुड़े लोग आमने-सामने आ गए। आरोप है कि आईसा और भगत छात्र मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने हिंदू विरोधी नारे लगाए। इससे माहौल बिगड़ गया। एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने विरोध किया तो कहासुनी होने लगी, फिर मारपीट हो गई। एबीवीपी बीएचयू इकाई के अध्यक्ष अभय प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि आईसा और भगत सिंह छात्र मोर्चा के प्रदर्शन में शामिल कुछ हिंदू विरोधी नारा लगा रहे थे। इसका विरोध किया गया तो हमला बोल दिया। इससे एबीवीपी की अदिति और मेघा को गंभीर चोट आई है। उधर, भगत सिंह छात्र मोर्चा ने बयान जारी कर कहा कि रविवार को दोपहर में 12 बजे प्रशासन और राज्य सरकार का पुतला फूंकने के दौरान अभद्रता की गई। विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने भी हाथापाई की है। इससे मोर्चा के कार्यकर्ता चोटिल हाे गए। ऐसे लोगों पर ठोस कार्रवाई की जाना चाहिए।
पुतला नहीं फूंक पाया आईसा
आईसा के कार्यकर्ता केंद्र और राज्य सरकार के साथ ही बीएचयू के कुलपति, आईआईटी के निदेशक का पुतला नहीं फूंक पाए। कार्यकर्ता पुतला फूंकने की तैयारी में थे, तभी पुलिस पहुंच गई। बीएचयू के सुरक्षा कर्मी भी आ गए। इसी बीच एबीवीपी के कुछ कार्यकर्ता भी आ गए और पुतला छीन लिया। इसे लेकर झड़प भी हुई।
जुलूस निकालकर की नारेबाजी
बीएचयू परिसर में रविवार की देर शाम जुलूस निकालकर दीवार बनाने के प्रस्ताव का विरोध किया गया। विश्वविद्यालय और आईआईटी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। उनका आरोप था कि आईआईटी की छात्रा को न्याय दिलाने के बजाय परिसर के बंटवारे की बात की जा रही है। इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।