स्वर्णमयी महालक्ष्मी के दर्शन करने के साथ शुक्रवार को माता के आशीर्वाद के रूप में भक्तों को खजाना बांटा गया। 75 हजार से अधिक भक्तों ने मां के दर्शन कर उनका आशीर्वाद लिया। सुबह से शुरू हुआ दर्शन-पूजन का सिलसिला शयन आरती तक चलता रहा।
शुक्रवार को भोर में मणि मंदिर में महाकाल की भस्म आरती और देव विग्रहों की मंगला आरती उतारी गई। धर्मसंघ के महामंत्री जगजीतन पांडेय के आचार्यत्व में संपूर्ण अनुष्ठान पूर्ण कराए गए। इसके बाद मंदिर में विराजमान मां महालक्ष्मी के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन पूजन के लिए मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। माता लक्ष्मी के दर्शन पूजन और खजाना पाने के लिए श्रद्धालुओं में होड़ लगी रही। श्रद्धालुओं ने द्वादश ज्योतिर्लिंग के साथ ही राम दरबार, शिव पार्वती सहित माता लक्ष्मी के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन किए। पूरा मंदिर प्रांगण हर-हर महादेव, करपात्री महाराज की जय के जयकारे से गूंज रहा था।