घटना के बाद लेढ़ूपुर उपकेंद्र से निकलने वाले शक्तिपीठ, आशापुर, लेढ़ूपुर, पंचकोशी के अलावा स्वतंत्र फीडर झुनझुनवाला, सुरभि, मैरेडियन, आकाशवाणी आदि से जुड़े क्षेत्रों की बिजली गुल हो गई।
सूचना के घंटों बाद पहुंचे विभागीय कर्मचारियों ने काम शुरू किया। क्षेत्रीय एसडीओ राजनाथ यादव के साथ ही दौलतपुर के एसडीओ सुधीर श्रीवास्तव, जेई हरिश्चंद्र, लाइनमैन चतुरी, गब्बर ने जले फीडर को हटाने का काम शुरू किया। मौके पर नगरीय विद्युत वितरण खंड षष्ठम आशापुर के एक्सईएन डीके दोहरे, निर्माण इकाई के एक्सईएन राजेश कुमार, जेई एके सिंह आदि भी पहुंच गए थे। इन अधिकारियों ने कर्मचारियों की मदद से 12:30 बजे आपूर्ति सामान्य की। जबकि जले फीडरों को बदलने का काम दोपहर बाद शुरू हुआ। इसके चलते अन्य फीडरों से जुड़े क्षेत्रों की आपूर्ति बाधित रहीं
ये इलाके रहे प्रभावित :
लोहिया नगर, आशापुर बाजार, टडिया, चकबीही, कृष्ण नगर कालोनी, पंचकोशी, चंद्रा चौमुहानी, दीनदयालपुर, पुरानापुल, आशापुर गांव, हवेलिया, सारनाथ, बरईपुर, हरिनारायण विहार कालोनी, बल्लभ विहार कालोनी, परशुरामपुर, अनमोल नगर, मवईयां, बेनीपुर, तिलमापुर, लेढ़ूपुर, रसूलगढ़, रघुनाथपुर आदि इलाके रविवार की देर रात करीब तीन बजे से सोमवार को पूरे दिन बिजली गुल रही। बिजली-पानी न मिलने से प्रभावित इलाकों में हाहाकार मचा रहा। लोगों को आसपास के हैंडपंपों और कुओं का सहारा लेना पड़ा।
आठ से नौ लाख का हुआ नुकसान :
लेढ़ूपुर उपकेंद्र के जिम्मेदार अभियंताओं की लापरवाही के चलते पूर्वांचल डिस्कॉम को करीब आठ से नौ लाख रुपये का नुकसान झेलना पड़ा। मौके पर जो दिखा उससे पता चलता है कि जिम्मेदार अभियंताओं ने इस मामले में बेहद लापरवाही बरती है। इनकमिंग पैनल व शक्तिपीठ पैनल ही नहीं सीटी की दशा ऐसी थी कि जैसे किसी ने आग में भून दिया हो।