शिक्षक भर्ती और आरक्षण के मुद्दे पर सरकार को घेरा
सांसद ने शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार स्वयं स्वीकार कर चुकी है कि वर्ष 2022 की भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण संबंधी गड़बड़ियां हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 6,800 पदों की अतिरिक्त चयन सूची जारी की गई, जबकि अनुसूचित जनजाति वर्ग के 1,133 पद रिक्त छोड़ दिए गए।
उन्होंने दावा किया कि सरकार की स्वीकारोक्ति के आधार पर पीडीए वर्ग के युवाओं को 7,933 पदों का नुकसान हुआ है। साथ ही उन्होंने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के अभ्यर्थियों को भी निर्धारित 27 प्रतिशत आरक्षण का पूरा लाभ नहीं मिल पाया, जिससे बड़ी संख्या में युवाओं के साथ अन्याय हुआ है।
नीट पेपर लीक को बताया शिक्षा व्यवस्था की विफलता
वीरेंद्र सिंह ने नीट परीक्षा पेपर लीक प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि यह देश की शिक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता का उदाहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रही अनियमितताओं से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और सरकार इस पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में विफल रही है।
बजट की कमी से कर्मचारियों को नहीं मिल रहा समय पर वेतन : सांसद
प्रेस वार्ता के दौरान सांसद ने आरोप लगाया कि कई विभागों में बजट की कमी के कारण कर्मचारियों को समय पर वेतन तक नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार का कोई जिम्मेदार प्रतिनिधि जवाब देने के लिए सामने नहीं आता। विदेश नीति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश को इस क्षेत्र में भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
'कॉकरोच जनता पार्टी' पर भी दिया बयान
एक सवाल के जवाब में सांसद ने कहा कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' कोई राजनीतिक दल नहीं है, बल्कि युवाओं और पीडीए वर्ग के भीतर पनप रहे आक्रोश का प्रतीक है। उन्होंने दावा किया कि पीडीए वर्ग अब पूरी तरह जागरूक हो चुका है और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में मजबूती के साथ खड़ा दिखाई दे रहा है।