राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारकों को भाजपा केंद्रीय विश्वविद्यालयों का कुलपति बना रही है। संघ के इशारे पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय केंद्रीय विश्वविद्यालयों को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का गढ़ बनाना चाहती है। इसके लिए गरीब, दलित, आदिवासी और पिछड़ा वर्ग के छात्रों को आए दिन प्रताड़ित कर उन पर मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।
चेन्नई, हैदराबाद, इलाहाबाद और अब काशी हिंदू विश्वविद्यालय में हुई घटनाएं इसका प्रमाण हैं। बीएचयू में साइबर लाइब्रेरी को चौबीस घंटे खुलवाने की मांग लेकर अनशन पर बैठे छात्रों को गिरफ्तार करने के सवाल पर गुरुवार को यह कहना था कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह का।
उन्होंने कहा कि लाइब्रेरी खोलने की मांग कर रहे एनएसयूआई से जुड़े छात्रों पर मुकदमा दर्ज किया गया जबकि परिसर में खुलेआम गुंडागर्दी करने वाले एबीवीपी कार्यकर्ताओं को संरक्षण दिया जा रहा है। इसीलिए एबीवीपी कार्यकर्ता विश्वविद्यालयों में भय का माहौल पैदा कर कमजोरों को दबा रहे हैं। हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या इसी भय और उत्पीड़न की देन थी। बता दें कि दिग्विजय सिंह बुधवार की रात बीएचयू परिसर से गिरफ्तार किए गए छात्रों से मुलाकात करने कैंट थाने जा रहे थे लेकिन इससे पहले ही छात्रों को जमानत के लिए सिटी मजिस्ट्रेट के पास भेज दिया गया।