कजरी गाते भाजपा सांसद छोटे लाल खरवार
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चंदौली के लतीफशाह मेले तथा भगवान श्री कृष्ण की बरही के अवसर पर आयोजित कजरी महोत्सव का समापन सत्र भाजपा सांसद छोटेलाल खरवार के गायन से यादगार बन गया। सांसद ने कजरी गायन के जरिये जहां कजरी के इतिहास को पारिभाषित किया, वहीं सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को भी स्थापित किया।
राबर्ट्सगंज सुरक्षित संसदीय क्षेत्र से सांसद खरवार ने कजरी के इतिहास को गाकर बताया और मिर्जापुरी तथा बनारसी कजरी के संबंध को भी उजागर किया। उन्होंने 'सखी सावन में कजरी गवावल जाई, श्याम के रिझावल जाई, बसुरी चोरावल जाई ना' की प्रस्तुति दी।
उन्होंने अपने गायन का समापन 'मिर्जापुर कईला गुलजार, कचौड़ी गली सुन कईला बलमू' से किया। गायन के दौरान उन्होंने करताल वादन का भी प्रदर्शन किया।
कजरी गायन के बाद उन्होंने भाजपा सरकार के तीन वर्षों के शासनकाल की उपलब्धियां गिनाईं तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को देश की प्रगति तथा सुरक्षा के लिए आवश्यक बताया। गायन के बाद सांसद ने कजरी प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया।