पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में ओटीपी के जरिए विधायक के व्हाट्सएप अकाउंट का रिमोट एक्सेस हासिल किए जाने की आशंका सामने आई है। इसके बाद अकाउंट का इस्तेमाल कर लोगों को संदेश भेजे गए और उनसे रुपये मांगे गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर पुलिस ने अभियोग पंजीकृत कर लिया है।
पुलिस अब मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के आधार पर अकाउंट तक अनधिकृत पहुंच बनाने और कथित तौर पर रुपये मांगने में शामिल लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि विवेचना के निष्कर्षों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद लोगों को अनजान संदेशों, संदिग्ध लिंक और रुपये मांगने वाले अनुरोधों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। किसी परिचित या जनप्रतिनिधि के नंबर से पैसे मांगने का संदेश मिलने पर भी संबंधित व्यक्ति से किसी दूसरे माध्यम से पुष्टि करना जरूरी है।