यूपी निकाय चुनाव के लिए अंतिम चरण का मतदान बुधवार को होना है। जिन जगहों पर मतदान हो चुका है वहां भाजपा के बड़े नेताओं की परेशानियां बढ़ गईं है। वो बहुमत के के लिए गुणा गणित सेट कर रहे हैं। परिणाम एक दिसंबर को आने वाला है। वाराणसी में मामला दिलचस्प है।
यहां निगम सदन में बहुमत की आस लगाए बैठे भाजपा के बड़े नेताओं की चुनौतियां अभी कम नहीं हुई हैं। ऊपरी तौर पर बहुमत की उम्मीद के साथ साथ कहीं न कहीं यह आशंका भी है कि 90 सदस्यीय सदन में बहुमत का निर्धारित आंकड़ा 46 तक न पहुंचने पर क्या किया जाए। इसकी वजह भी है।
2012 के चुनाव में पार्टी को 90 में से 26 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। बाद में पार्टी ने पांच निर्दलों को अपने साथ मिलाकर सदन में संख्या बढ़ाकर 31 कर ली थी, जबकि मेयर भी उन्हीं का था। रणनीतिकारों का मानना है कि कमोबेश इस बार भी सदन में भाजपा की इसी के इर्द गिर्द सीट रहेगी।
पार्टी के दिग्गज बहुमत के जुगाड़ में लग गए हैं। इसके लिए निर्दलों को साधने की रणनीति तैयार की गई है ताकि सदन में प्रस्तावों के पास होने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हो।