इसके साथ ही कुछ लोगों की शिकायतें आईं कि जिनके पास राशनकार्ड नहीं है, उन्हें कैसे राशन मिलेगा। इसको संज्ञान में लेते हुए शहर से लेकर गांवों तक लेखपाल, प्रधान व पार्षदों के मध्यम से बिना राशनकार्ड वाले 44553 लोगों को चिह्नित कर उनको राशन दिया गया।
साथ ही जो मजदूर वर्ग के लोग हैं, उनका अकाउंट नंबर और आधार मंगवाकर 21,000 लोगों के अकाउंट में 1000 रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से भेजे जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही अब तक जिन लोगों के पास रहने को मकान और भोजन बनाने की व्यवस्था नहीं है। ऐसे 81 लाख 969 लोगों में पका हुआ भोजन दिया जा रहा है। बाहर से आकर फंसे लोगों लोगों के रहने और खाने की व्यवस्था की गई है।