संयोग अच्छा था कि वह बाल-बाल बच गया। गोली चलने की आवाज सुनकर उसके साथी आ गए तो त्रिपुरारी और उसके साथ के लोग उसे जान से मारने की धमकी देते हुए हवाई फायरिंग कर भाग निकले। इस संबंध में कोतवाली थाना प्रभारी अश्वनी चतुर्वेदी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच में सामने आया कि उज्ज्वल पर किसी और ने फायरिंग नहीं की थी। खुद ही असलहा और कारतूस मंगवाया और फायरिंग कर अपने हत्या के प्रयास की फर्जी कहानी गढ़ी। इसके पीछे उद्देश्य गलत थे। पर्याप्त साक्ष्य के आधार पर उज्ज्वल वर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है।