एक सदस्य को यूपी सरकार करती है नामित
आईआईटी बीएचयू की बीओजी में आम तौर पर चेयरमैन और वाइस चेयरमैन सहित कुल 10 सदस्य होते हैं। कुलपति को लेकर बीएचयू ईसी के तीन सदस्य नामित होते हैं। वाइस चेयरमैन बीएचयू के कुलपति या ईसी का ही कोई सदस्य हो सकता है। बाकी दो-दो सदस्य आईआईटी काउंसिल और आईआईटी बीएचयू की सीनेट की ओर से नामित किए जाते हैं। शिक्षा मंत्रालय काउंसिल के दो सदस्यों की जानकारी आईआईटी को पत्राचार करके देता है। एक सदस्य उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से नामित किया जाता है। वहीं, निदेशक इसके एक्स ऑफिशियो सदस्य होते हैं। संस्थान के रजिस्ट्रार भी गैर सदस्य के रूप में बीओजी की बैठक में शामिल होते हैं। कई बार इन बैठकों में विशेष तौर पर सदस्यों को आमंत्रित किया जाता है।
पिछली ईसी बैठक में दिया था प्रस्ताव
पिछली बार बीएचयू ईसी की बैठक में यह प्रस्ताव दिया गया था। आईआईटी की ओर से बताया गया है कि इंस्टीट्यूट्स ऑफ टेक्नोलॉजी अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के तहत बीएचयू ईसी के प्रस्ताव संख्या छह के अनुपालन में आईआईटी (बीएचयू) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष ने नई नियुक्तियों को मंजूरी प्रदान कर दी है। अधिसूचना के अनुसार, इन दोनों का कार्यकाल तीन वर्ष या संबंधित पद पर बने रहने की अवधि तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगा।
70 से लेकर 90 के दशक तक कभी इसी महामना के परिसर से अध्ययन-अध्यापन कराकर निकला था। तब से आईआईटी बीएचयू के साथ भावनात्मक लगाव रहा है। अब आगे इस संस्थान का संवर्द्धन हो और हर स्तर पर इसकी प्रतिष्ठा बढ़े। बीओजी सदस्य के तौर पर हम इसी कार्य को आगे बढ़ाएंगे। सभी सदस्यों से आपसी चर्चा कर हर संभव योगदान किया जाएगा। डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय, पूर्व केंद्रीय मंत्री
इसके पहले मुझे आईआईटी कानपुर, रुड़की और मंडी के बोर्ड ऑफ गवर्नर में काम करना का अवसर मिला है। अब यदि आईआईटी बीएचयू के लिए कुछ अच्छा कर सका तो प्रसन्नता होगी। बीएचयू और आईआईटी बीएचयू में सहभागिता की अनेकों संभावनाएं हैं। इसके लिए संस्थागत प्रयास करने में आसानी होगी। प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी, कुलपति, बीएचयू
यह बहुत ही खुशी की बात है। अब आईआईटी और बीएचयू के बीच संबंध और भी सुधरेंगे। हम इन दोनों सदस्यों का पूरे सम्मान के साथ स्वागत करते हैं। शोध के साथ-साथ महामना के सपनों का परिसर आधुनिकता को साथ लेकर फिर से अपने पुराने रूप में होगा। प्रो. अमित पात्रा, निदेशक, आईआईटी बीएचयू